Sunday, 6 October 2019

अन्तर्वासना में बहन की चूत के मजे

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Antarvasna(अन्तर्वासना) की कहानी मे आप सभी का स्वागत है. मेरा नाम राहुल है और मैं गाजीपुर का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी का सपना था कि मैं विदेश से पढ़ाई करूं इसीलिए मैंने पढ़ाई में बहुत मेहनत की और जब मैं विदेश पढ़ाई करने के लिए चला गया तो वह लोग बहुत खुश हुए। जब मेरी पढ़ाई पूरी हो गई तो उसके बाद मैं कोलकाता आ गया। मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद मैंने  कोलकाता में ही नौकरी करने की सोच ली। मैं कोलकाता में ही नौकरी करने लगा था। मेरे मामा भी कोलकाता में रहते हैं और वह काफी वर्षो से कोलकाता में ही रह रहे हैं। जब मैं शुरुआत में कोलकाता गया था तो मुझे कोलकाता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उस वक्त मेरे मामा ने ही मेरी मदद की थी। उन्होंने मुझे एक घर भी दिलवाया था जहां पर मैं कुछ समय तक रहा लेकिन अब मुझे कंपनी की तरफ से फ्लैट मिल चुका है और मैं जिस कंपनी में जॉब करता हूं वह बहुत ही बड़ी कंपनी है। antarvasna (अन्तर्वासना)


मैं अपने काम के सिलसिले में भी अक्सर विदेश जाता रहता हूं। मैं अब तक कई देशों में घूम चुका हूं और अपने काम में भी पूरा मन लगाता हूं। मेरे माता-पिता मेरी सफलता से बहुत खुश हैं और वह सबके सामने मेरा उदाहरण रखते हैं।  वह कहते हैं कि बेटा जिस प्रकार से तुमने हमारा नाम रोशन किया है हम बहुत ही खुश हैं। उन्हें मुझ पर पहले से ही भरोसा था इसलिए उन्होंने मुझे विदेश पढ़ने के लिए भेज दिया। मेरे पिताजी ने हमारे रिश्तेदारों से भी कुछ पैसे लिए थे वह सब मैंने चुका दिए और कुछ बैंक से उन्होंने मेरे पढ़ाई के लिए लोन भी लिया था। उनका जब भी मन होता है वह मेरे पास रहने के लिए आ जाते हैं और मुझे बहुत खुशी होती है जब वह मेरे पास रुकते हैं। एक बार मैं अपने काम के सिलसिले में जापान गया हुआ था। मैं काफी समय तक जापान में रहा। वहां मुझे एक कंपनी ने एक अच्छा पैकेज भी दिया लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया और कहा कि मैं जिस कंपनी में काम कर रहा हूं वहीं पर मैं ठीक हूं। उन्होंने मुझे कहा यदि आपको कभी भी हमारी कंपनी जॉइन करनी हो तो आप हमें कॉल कर लीजिएगा। हालांकि मैं उस कंपनी को जॉइन करना चाहता था लेकिन मैं जिस कंपनी में काम कर रहा हूं उस कंपनी में काम करते हुए मुझे काफी समय भी हो चुका था और मैं उस कंपनी को भी नहीं छोड़ना चाहता था।

Antarvasna(अन्तर्वासना)


मैं जब जापान से वापस लौटा तो कुछ दिनों तक मैं अपने मामा के घर पर ही था क्योंकि मैं काफी समय से अपने मामा से भी नहीं मिला था इसलिए मैने सोचा कि कुछ दिनों के लिए मामा के साथ ही रुक जाता हूं। मैं मामा के पास रुका था। मेरी मामी मुझे कहने लगी राहुल बेटा अब तुम शादी कर लो अब तो तुम्हारी उम्र भी होने लगी है। मैंने अपनी मामी से कहा हम लोगों के अंदर यही तो समस्या है थोड़ा सा व्यक्ति अपनी लाइफ जिले तो सब लोग उसके पीछे शादी का डंडा लेकर पड़ जाते हैं। मेरी मामी कहने लगी नहीं बेटा ऐसा नहीं है पुराने लोग तो पहले शादी करा देते थे। मैंने उन्हें कहा कि अब समय बदल चुका है मामी आप आज के दौर को देखिए कौन इतनी जल्दी शादी कर लेता है। वह कहने लगी तुम कह तो ठीक रहे हो लेकिन तुम्हारी उम्र भी हो चुकी है तुम्हें भी तो शादी कर लेनी चाहिए। मैंने कहा ठीक है यदि आपकी नजर में कोई अच्छी लड़की हो तो मुझे जरूर बता दीजिएगा। antarvasna (अन्तर्वासना)

मुझे लगा कि उनसे ज्यादा बात कर के कोई फायदा नहीं है इसलिए मैंने उनके साथ ज्यादा इस बारे में बात नहीं की। मैं मामा के घर पर ही रुका हुआ था। मेरे मामा की लड़की मुंबई में पढ़ती है और वह कुछ दिनों के लिए घर पर आई हुई थी। जब वह घर पर आई तो उसकी मुलाकात मुझसे भी काफी समय बाद ही हुई थी। मैंने उससे पूछा तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है। वह मुझे कहने लगी पढ़ाई तो बहुत अच्छी चल रही है लेकिन मुझे उस पर शक था कि वह कुछ गलत कर रही है। मैंने सोचा कि क्यों ना मैं उसके बारे में पता करूं कि वह क्या कर रही है क्योंकि वह घर भी बहुत देर तक आती थी और उसकी दोस्ती भी मुझे कुछ ठीक नहीं लगी। मुझे लगा कि कहीं वह गलत लोगों की संगत में ना पड़ जाए इसलिए मैंने उससे एक दिन इस बारे में बात की। वह कहने लगी भैया ऐसा नहीं है मेरे दोस्त सब अच्छे हैं और मैं सिर्फ उनके साथ घूमती हूं। मैंने उसे कहा  तो फिर तुम घर इतनी देर से क्यों आती हो। मामा और मामी तो तुम्हें कुछ नहीं कहते। तुम उनकी बातों का बहुत फायदा उठाती हो। वह कहने लगी ऐसा कुछ नहीं है लेकिन मैं उसके बारे में जानना चाहता था। antarvasna (अन्तर्वासना)




एक दिन मैं उसके पीछे पीछे चला गया जब मैं उसका पीछा कर रहा था तो वह एक लड़के से मिली। उसने उस लड़के को कुछ पैसे भी दिए मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि उसने उस लड़के को पैसे क्यों दिए। मैंने रानू से उस समय तो कुछ भी नहीं कहा। जब वह घर पर आई तो वह कुछ परेशान थी। मैं उसके साथ बैठा हुआ था। जब मैंने उसे अपनी बातों में पूरी तरीके से कन्वेंस कर लिया कि मैं किसी को भी नहीं बताने वाला तो वह कहने लगी कि उस लड़के के साथ मेरा रिलेशन चल रहा था लेकिन वह मुझे काफी समय से ब्लैकमेल कर रहा है और वह कह रहा है कि मैं तुम्हारे घर में हम दोनों के रिलेशन के बारे में बता दूंगा। इसी वजह से मैं डरी हुई हूं। मैंने उसे कहा ठीक है मैं उस लड़के से बात करता हूं। मैंने उस लड़के से बात की तो वह मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा।  वह ना तो बात करने के काबिल था और ना ही मैं उससे बात करना चाहता था। मैंने रानू से कहा अब मैं उसे अपने तरीके से हैंडल कर लूंगा तुम यह सब बातें छोड़ दो। antarvasna (अन्तर्वासना)

मै एक दिन उसके आशिक से मिला मैंने उसकी जमकर धुलाई कर दी। जब मैंने उसकी धुलाई की तो उसके बाद से वह मुझे कभी नहीं दिखाई दिया और ना ही उसने रानू को परेशान किया। रानू मुझे कहने लगी आपने मेरी बहुत मदद की। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे साथ हुआ क्या था वह कहने लगी उसके पास मेरी कुछ न्यूड फोटो थी और वह मुझे ब्लैकमेल कर रहा था इसीलिए मै उसे परेशान हो गई थी। मैंने उसे कहा वह तुम्हें अब कभी परेशान नहीं करेगा। रानू ने उस दिन मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगी आपने मेरी बहुत मदद की है। जब उसने मेरा हाथ पकड़ा तो मैं समझ गया है कि रानू भी गलत है। वह मुझसे चिपकने की कोशिश कर रही थी। मैं उससे दूर जाने की कोशिश करने लगा पर उसने भी मुझे उस दिन अपनी बाहों में ले लिया। मैंने उसे कहा तुम यह गलत कर रही हो। उसने कहा इसमें गलत और सही क्या है मैं कुछ नहीं जानती। उसने अपने कपड़े उतार दिए जब उसने अपने कपड़े उतारे तो मेरे अंदर से भी उत्तेजना जागने लगी। मैं अपने आपको ना रोक सका। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने मेरे लंड को बड़े अच्छे से चूस। antarvasna (अन्तर्वासना)

जब वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी तो मैं मन ही मन सोच रहा था रानू भी अपनी जगह गलत है इसकी हवस की आग की वजह से वह लड़का इसे परेशान कर रहा था। उसने मेरा लंड इतना देर से सकिंग किया कि उसने मेरा वीर्य अपने अंदर ही ले लिया। मेरा वीर्य उसके मुंह में चला गया था उसने दोबारा मेरे लंड को हिलाते हुए खड़ा कर दिया। मेरा लंड कड़क हो चुका था वह मेरे सामने घोड़ी बन गई। मैंने उसके चूतड़ों को दिखा तो मैंने उसकी चूतडो पर अपने हाथ से दो तीन बार प्रहार किया। मैंने अपने लंड को जब उसकी मखमली चूत पर लगाया तो वह मचलने लगी। मैंने भी तेजी से अपने लंड को अंदर डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड रानू की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी भैया आपका लंड तो बड़ा मोटा है। मैंने आज तक कई लंड अपनी चूत में लिया है लेकिन आपका लंड मुझे अपनी चूत में लेकर बहुत मजा आ रहा है। मुझे पता चल गया कि वो बिल्कुल ही सही लड़की नहीं है लेकिन मुझे उस वक्त उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मेरी इच्छा भी पूरी हो रही थी इसीलिए मैंने उसे कुछ भी नहीं कहा मैं सिर्फ उसे धक्के ही दे रहा था। रानू का बदन बड़ा ही सेक्सी था। उसके बदन को देखकर कोई भी पिघल सकता था उसकी बड़ी गांड मेरे लंड से टकराती तो वह मेरे अंडकोष को छलनी कर देती मेरे अंडकोष ने बाहर की तरफ वीर्य को फेक दिया। मैं खुश हो गया उसके बाद तो जैसे रानू और मेरे बीच में शारीरिक संबंध बनना आम बात हो गई। antarvasna (अन्तर्वासना)


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