Monday, 20 January 2020

कुँवारी चूत

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हल्लो दोस्तों, आज मै आपको मेरे और मेरी मकानमालकिन की बेटी शकीला  से सेक्स की कहानी बता रहा  हूँ. मैं अभी जयपुर में रहता हूँ  और एक सॉफ्टवेर कंपनी में जॉब करता हूँ. और किराये के मकान में रहता हूँ. मै दुसरे मजले पर और मकान मालकिन निचे रहती है. मकान मालकिन तलाकशुदा है जिसकी उम्र लगभग 37 – 38 वर्ष थी. और उनकी बेटी शकीला उम्र 18 वर्ष और उनका 10 साल का लड़का था. मेरी और आंटी की बहूत बनती थी, आंटी जो भी काम करने को कहती  तो वो मना नही करता था और कर देता था. उनकी लड़की शकीला क्या माल थी यार उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा  हो जाता था. शॉर्ट्स और शर्ट पहनती थी. जिसमे उसकी गोरी और सेक्सी टांगे मुझ पर कहर ढाती थी. शर्ट में थोडा ऊपर से बूब्स और बूब्स के बीच की रेखा देखाई देती थी. उसे देख कर मेरा उसे चोदने को करता था. जब भी वो मेरे सामने आ जाती तो मुझे मुठ्ठी मारनी पड़ती थी.
उसे देखते ही मेरा तो बुरा हाल हो जाता था. मै हमेशा ऑफिस से आता तो शकीला छत पर टहलती थी. रोज रात को उसकी वजह से मुठ्ठी मारनी पड़ती थी. फिर एक दिन मैंने सोचा की मै उसे जरुर चोदूँगा और चोदने का आईडिया सोचने लगा और मौके की तलाश करने लगा. फिर एक दिन ऑफिस से आने के बाद नहा रहा था. और मै नंगा ही बाथरूम से निकल गया और  वो भी उसी टाइम वहा आ गयी. मै उसे देख कर भूल गया की मैंने कुछ पहन नही रखा है और मै उसे घूरने लग गया. शकीला भी मुझे देख रही थी और बोली, मम्मी ऊपर आ जाएगी कुछ पहन लो. और थोडा मुस्कुराई और  निचे चली गयी. फिर मैंने उसकी नाम की मुठ मारी और कपडे पहन लिए. और उसे चोदने का सोचने लगा पर कोई आईडिया भी मेरे को नही आ रहा था. फिर एक दिन आंटी और उसका लड़का बहार गया हूआ था. शकीला घर में अकेली थी. मैंने सोचा आज मौका अच्छा है. आज तो मै  उसे चोद कर ही रहूगा.
इतने में वो  आई और दीवार के पास खड़ी हो गयी. मै भी उसके पास जाकर खड़ा हो गया और उससे बाते करने लगा. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी चिकनी जाघ पर रख दिया और सहलाने लगा वो कुछ नही बोली. वो कुछ नही बोली इससे मेरी हिम्मत और बढ गयी. फिर मैने उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और उसे किस करने  लगा. किस करते करते उसे रूम में ले आया. रूम में ले आया और शकीला के बूब्स अपने हाथो में ले लिया और क्या अहसास था यार उसके नरम बूब्स और फिर कुछ बाद  मैंने उसके बूब्स को चूसने लग गया और उसने इसका कोई विरोध नही किया. फिर मैंने उसकी स्कर्ट उतार दी. स्कर्ट के निचे उसने पेंटी पहन रखी थी. फिर मैंने पेंटी भी उतार दी. अब शकीला की चूत मेरे सामने थी. मस्त थी यार, उसकी चूत पर एक भी बाल नही था.
मै उसकी चूत को चाटना चाहता था. फिर अपने आप को रोक नही पाया और उसकी चूत को चाटने लगा. अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी. और उसकी चूत को पागलो की तरह चाटने लगा. उसकी चूत से मस्त मस्त गंध आ रही थी. उसको भी मजा आ रहा था वो सेक्सी सेक्सी आवाजे निकल रही थी. कुछ देर उसकी चूत चाटता रहा. फिर शकीला ने मेरे भी पुरे कपडे उतार दिए और मेरा लंड मुह में ले लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लग गयी पूरा लंड मुह में ले के चूस रही थी. मुझे काफी आनन्द आ रहा है.
फिर मैंने उसे बेड पर लेटाया और और उसकी चूत  पर मैंने अपना लंड रखा. उसकी चूत अभी कुँवारी थी क्यों की मेरा लंड अंदर नही जा था. फ़िर मैंने एक जोर से झटका मारा और वो चिल्ला पड़ी. उसकी चूत में मेरा आधा लंड घुस गया था. और उसकी चूत से खून भी आने लग गया था और उसको काफी दर्द भी हो रहा था. वो मुझसे छुटने की कोशिश करने लगी पर मैंने उसे कस के पकड़ लिया था और हिलाने नही दिया.फिर मै कुछ देर रुक गया  फिर एक और जोरदार झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और शकीला जोर चीख पड़ी.
शकीला अब तडफडाने लग गयी और छुटने की कोशिश करने लग गयी पर वो मुझसे अपने आप को छुड़ा नही पाई. थोड़ी देर के लिए मै और रुका फिर उसको चोदने लग गया. कुछ देर बाद वो  भी उछल – उछ्ल कर मेरा लंड अंदर तक लेने लग गयी. और मैंने भी अपनी स्पीड बढा दी. लगभग 10 मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लग गया वो झड गयी पर मेरा अभी बाकि था और 5 मिनट बाद मै  भी झड गया. वो इतने में दो बार झड चुकी थी. उसके बाद भी मै उसे लगभग 5 मिनट तक और किस किया और फिर अपने अपने कपडे पहन लिए और बाते करने लगे. कुछ देर तक बाते करते रहे. बाद उसकी माँ घर आ गयी और चली गयी और बोली मै रात को माँ के सो जाने के बाद आउगी. फिर रात को भी हम दोनों ने सेक्स किया. उसके बाद डेली मैं और शकीला सेक्स करते है.

Wednesday, 15 January 2020

हमीदा को वायेग्रा खा के चोदा

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हमीदा के साथ मेरे सेक्स सबंध तब से हैं जब वो कोलेज में थी और उसकी सेक्सी गांड तब छोटी हुआ करती थी. उसके पिताजी रोशन अली हमारे यहाँ ड्राइवर थे और उनकी बीवी सलमा भी हमारे यहाँ पर काम करती थी.हमीदा हमारे कोलेज में ही थी. जब मैं तीसरे वर्ष में था तब उसका एडमिशन हुआ था और उसके दुसरे साल में आते हमारी पहली सेक्स मीटिंग हुई थी मेरे छत के ऊपर. उस दिन बरसात था और मैं छत के उपर नहा रहा था. मेरी माँ ने हमीदा को कपडे लेने भेजा और उसके भीगे बदन और गरदाई हुई सेक्सी गांड को देख मैंने उसे दबोच लिया था. उसे भी लंड लेने की इच्छा भरी हुई थी तभी तो उसने मेरे लंड को चूस के मुझ से चुदाई करवाई थी. अगर उसके मन में चुदाई के लड्डू ना फुट रहे होते तो वो कपड़े निचे रखने के बाद कभी उपर आती ही नहीं. खेर मैंने भी उसे निचे चालू बरसात में लिटा के उसकी चूत में अपना अम्बूजा सीमेंट छाप लंड दे दिया था. उस दिन के बाद तो वोह मुझ से नियमित रूप से चुदवाती थी और उसकी गांड को भी मैंने लंड दे दे के बड़ी गांड बना दी थी.
मुझे सदमा तब लगा जब उसने मुझे पिछले महीने बताया की उसकी शादी तय हो चुकी हैं उसके चचेरे भाई के साथ. और शादी के लिए वो लोग अपने गाँव बिलासपुर जाने वाले थे. मुझे पता था की एक बार हमीदा की शादी हो गई उसके बाद उसकी चूत और बड़ी सेक्सी गांड में मेरे लिए नो एंट्री हो जाएगी. मुझे बहुत दुःख हो रहा था और मैंने तो उसे यहाँ तक कहा की हम लोग भाग चलते हैं लेकिन हमीदा डरपोक थी उसे रोशन अली से बहुत डर लगता था. खेर जो होना था होना था. लेकिन मैंने उसके जाने से पहले आखिरी बार उसकी एक लंबी चुदाई की योजना बना ली. हर हफ्ते हम लोग सनीचर को पूजा के लिए जाते थे और इस बार मैंने माँ को एग्जाम के बहाने से आने से मना कर दिया. रोशन अली के साथ माँ बाबूजी चले गए और वो लोग शाम के पहले आने वाले नहीं थे. सलमा आंटी शाम को कपडे धोती थी और मैंने हमीदा को कहा था की जब उसकी माँ कपडे धोये तब वो कीचन से होते हुए मेरे कमरे में आ जाए. एक दिन पहले ही मैंने वायेग्रा और कंडोम ला के रूम में छिपा दी थी. शाम होते ही मैने पीछे से किचन का दरवाजा खोल के रख दिया ताकि हमीदा अंदर घुस सके.
मैंने जैसे ही हमीदा को किचन की तरफ आते देखा मैंने वायेग्रा खा के उपर दूध पी लिया. उसने आके दरवाजे की तरफ अपनी सेक्सी गांड घुमा के दरवाजे की कुंडी लगा दी. वोह सीधा मेरी बाहों में आ गई और बोली, हमें आप की बहुत याद आएगी. मैंने उसके गले में हाथ रखे और हम भी बोले, जानू तो क्या हम खुश होंगे तुम्हारे बिना. उसने फट से अपने कपडे खोलने चालू कर दिए. मैंने आज पहली बार वायेग्रा खाई थी इसलिए मुझे तो पता भी नहीं था की वो कितना समय लेती हैं लंड को पूर्ण रूप से खिलाने में. मैंने हमीदा के चुंचे हाथ में लिए और उसके काली निपल को मुहं में ले लिया. हमीदा ने निचे झुक के मेरी पेंट के उपर से बेल्ट को खोला और उसने दूसरी मिनिट में तो मुझे भी नंगा कर दिया. मैं पलंग के उपर टाँगे लंबी कर के बैठ गया और वो अपनी सेक्सी गांड को मेरी जांघ के उपर रख के बैठ गई. उसके बूब्स भी मैंने दबा दबा के और चूस चूस के झुका दिए थे. वैसे भी यह लड़की 19 की हो चली थी लेकिन मैंने इसे ब्रा पहने देखा ही नहीं था. कभी कभी कोई त्यौहार होता तो यह ब्रा पहनती थी वरना खुले में ही दो जानवर पाल रख्खे थे. ब्रा ना पहनने की वजह से उसके स्तन बहुत ही बाउंसिंग थे और जब वो झाड़ू देती थी तब तो और भी मादक लगते थे. मैंने कितनी बार झाड़ू देने के वक्त उसकी सेक्सी गांड में पीछे से ऊँगली की हुई थी. आज वोह भी मुझ से भरपूर मजा ले के चुदाना चाहती थी क्यूंकि उसे भी पता था की जब हम जवा होंगे…जाने कहाँ होंगे.
मेरा लंड अब वायेग्रा की असर दिखाने लगा था और मेरे मस्तक की साइड से मुझे पसीना होने लगा था. रूम में पंखा फुल स्पीड में था लेकिन फिर भी मुझे जैसे की बदन के अंदर बहुत गर्मी चढ़ी हुई थी, मैंने हमीदा को उठाया और उसकी भरपूर चुदक्कड चूत और सेक्सी गांड के उपर हाथ फेरा. वो अब मेरी टांगो के बिच बैठी हुई थी और मेरे लंड को अजीब तरीके से देख रही थी. लंड के अंदर खून के बहाव के चलते वो पूरा लाल हो चूका था. उसने जैसे ही मेरे लंड को छुआ मुझे करंट सा लगा. मैंने उसे कहा, हमीदा चुसो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह. आज के बाद पता नहीं कब मुझे तुम मिलोगी. हमीदा ने सीधे मुहं खोल के बड़े टारजन जैसे लौड़े को मुहं में लिया और वो बिलकुल किसी लोलीपोप की तरह ही मेरे लौड़े को चूसने लगी. उसने मुझे पूछा भी की आज लंड इतना गर्म क्यूँ हैं. अब उसे क्या पता की उसकी ठुकाई के लिए हमने 167 रूपये का खर्चा किया हुआ हैं. मैंने हमीदा के मस्तक को पकड़ के जोर जोर से उसके मुहं में लंड देना चालू किया. उसी वक्त मैंने अपने पाँव के अंगूठे को उसकी चूत और सेक्सी गांड के छेद के उपर पसार रहा था. चूत के अंदर से प्रवाही झरने लगा था जिसका मतबल यह सेक्सी इंडियन लड़की चूत मराने के लिए रेडी थी.
मैंने बड़ी और सेक्सी गांड वाली हमीदा को अब उठाया और उसे वहीँ बिस्तर में लिटा दिया. मैंने बिस्तर के निचे छिपाए हुए कोहिनूर कंडोम के पेकेट को निकाला और उस में से एक कंडोम को अपने लंड के उपर चढ़ा दिया. मेरे लंड के उपर मेरा हाथ लगते ही मुझे भी आज उसमे एक अलग गर्मी का अहेसास हुआ. मैंने हमीदा की टांगो को फाड़ा और उसकी चूत के उपर ढेर सारा थूंक दिया. हमीदा ने अपने हाथ को मुहं में ले के अपना थोडा थूंक लिया और चूत को वो हम दोनों के थूंक से मलने लगी. मेरे लंड को उसने अपने हाथ में पकड़ा और धीरे से चूत के अंदर घुसाने लगी. आह आह….बहुत ही मजा था आज तो हमीदा की चूत में. शायद मेरे लिए ही उसने अपनी चूत के बाल निकाले थे और उसकी साफ़ चूत में लंड देने के तो मजे ही और थे. मेरा लंड फच फच कर के हमीदा की खूली हुई चूत को फाड़ने लगा. वोह मुझ से गले लग रही थी और मुझे होंठो के उपर चुम्बन देने लगी. उसके सेक्स में आज प्यार की मात्रा बहुत ज्यादा थी……!!!
हमीदा के चुंबन बढ़ते गए और वो उछल उछल के अपनी चूत में मेरे लंड को भरने लगी थी. मैंने भी उसके चुंचो को पकड़ के मसलने के साथ साथ उसकी चूत में निचे से ही झटके देने चालू कर दिए. उसकी आह आह ओह ओह ओह निकल रही थी और साथ में जब वो चूत में लंड भरने के लिए उछलती थी तो उसके सेक्सी बूब्स बहुत ही मादक और उत्तेजक लग रहे थे. मैंने भी कस कस के उसकी चूत में झटके दिए और उसकी सेक्सी गांड के उपर अब मेरा मन मोहित हुआ जा रहा था. उसकी सेक्सी गांड के उपर हाथ रख के ही मैंने उसकी चुदाई चालू की थी. मैंने अब अपने लंड को हमीदा की चूत से बाहर किया. वो भी खड़ी हो गई. अब मैंने हमीदा को उल्टा लिटा के उसके गोठन से ऊँचा कर के उसे कुतिया बना दिया. पीछे उसकी चूत खुली पड़ी थी जिस में से रस की तरह चिकनाहट टपक रही थी जो एक दो बूंदों के स्वरूप में निचे भी गिर गई थी. मैंने लंड को उसकी सेक्सी गांड के फाटक से पास करवाते हुए चूत के होंठो में डाल दिया. हमीदा की आह आह ओह ओह ओह्ह्हह्ह्ह्ह चालू हुई क्यूंकि इस पोजीशन में तो चूत की गहराई को लंड का हेल्मेंट सलाम करता हैं. मैंने सेक्सी गांड को पकडे रखा और जोर जोर से चूत की चुदाई करने लगा. वैसे भी आज तो मेरा लंड थकने वाला नहीं था क्यूंकि उसे सिडानिफिल सिट्रेट (वायेग्रा) की शक्ति की टिकिया लगाईं गई थी. वरना 10 मिनिट की चुदाई तो काफी थी, आज तो 10 मिनिट से कितने मिनिट उपर हो चले थे. मैंने ठोके रखा चूत को वही रफ़्तार से और फिर मैंने सेक्सी गांड में लौड़ा डालने का मन बना लिया.
चूत से लंड को निकाल के मैंने अब धीरे से उसको गांड के उपर रगड़ना चालू कर दिया. कंडोम के उपर चिकनाहट थी और गांड के उपर घिसने से उसमे मस्ती भी चढ़ रही थी. हमीदा बोली, अनूप जल्दी करो मुझे गुदगुदी हो रही हैं. मैंने फिर से ढेर सारा थूंक लंड के उपर निकाला और एक ही झटके में हमीदा की सेक्सी गांड को पेल दिया. हमीदा आह आह आह ओह ओह करती रही और मैंने बिलकुल तेजी से उसकी गांड को ठकाठक लेता रहा. मैंने अपने हाथ उसकी सेक्सी गांड के उपर ही रखे हुए थे और मैं उसे जोर जोर से ठोक रहा था. हमीदा ने अपनी टाँगे थोड़ी और फैला दी ताकि गांड के अंदर लंड और भी आराम से प्रवेश कर सके. मैंने उसकी गांड को 20 मिनिट तक ऐसे ही जोर जोर से ठोका और उसकी गांड भी मस्त लाल लाल हो चली थी. हमीदा ने मुझे पूछ भी लिया की क्या तुमने कोई दवाई ली हैं आज. मैंने उसे कह दिया हाँ क्यूंकि आज तुम से शायद आखरी बार चुदाई का मौका हाथ आया हैं इसलिए. उसने कुछ नहीं कहा और वो अपनी सेक्सी गांड हिला हिला के मुझ से मजे लेती रही. जब 10 मिनिट के बाद मेरे वीर्य ने उसकी सेक्सी गांड में 100 ग्राम वीर्य छोड़ा तब जा के मुझे और उसे शांति मिली. मैंने उसे अपनी गोद में ही सुलाए रखा और उसने भी मुझे प्रोमिस किया की अगर शादी के बाद उसे चांस मिला तो वो यहाँ आके अपने माँ बाप से मिलने के बहाने मुझ से चुदाई जरुर करवाएगी………….!!!

Sunday, 12 January 2020

दर्द के मारे चूत फटा जा रहा था और अंकल जोर से घुसा रहे थे

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मेरा प्यारे दोस्तों आप सभी को सीमा का नमस्कार !!! मैं अठारह साल की लड़की हूँ। आज मैं भी अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आपको सुनाने जा रही हूँ। ये मेरी पहली कहानी है और ये मेरी पहली चुदाई है। और ये कहानी ज्यादा पुरानी नहीं बल्कि आज दोपहर की है इसलिए आज ही इस कहानी को पोस्ट कर रही हूँ। क्यों की मैं भी चाहती हूँ मेरी कहानी आप तक पहुंचे। इसका बस एक कारण है। क्यों की मैं भी आपकी कहानियां रोजाना नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ती हु। इस वेबसाइट की सभी कहानियां बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी है। और जो भी कहानी पोस्ट होती है उसके सबसे ज्यादा महिलाओं के द्वारा भेजी गई होती है। तो आज मेरी बारी है ताकि आपका लौड़ा खड़ा कर सकूँ और महिलाएं पढ़ रही है तो उनकी चूत गीली हो जाये।

अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। मैं जयपुर की रहने वाली हूँ वैशाली नगर में रहती हूँ। मैं कॉलेज में पढ़ती हूँ। मेरे घर में मेरी माँ और मेरी छोटी बहन रहती है। मैं पढाई के साथ साथ कंप्यूटर का कोर्स कर रही हूँ और ये कोर्स पापा के दोस्त अंकल जी जिनको कहते हैं हम दोनों बहन वही सीखा रहे हैं। मैं रोजाना उनके यहाँ जाती हूँ। उनके घर में उनकी पत्नी है और एक बच्चे है। दोस्तों अंकल बहुत ही अच्छे है मैं उनको बहुत पसंद करती हूँ। और पसंद करने का कारन यह है की मेरे माँ और पापा दोनों पुराने खयालात के हैं।
वो मुझे घर से बाहर बहुत कम निकलने देते हैं। ना तो फ़ोन देते हैं ना इंटरनेट चलाने देते हैं। तो मैं खुद ढूंढती हूँ। जब कोई लड़का नहीं मिलेगा कोई बॉयफ्रैंड नहीं मिलेगा तब तो किसी से भी काम चलाना पडेगा। यही हालात मेरे साथ भी है। मैं अंकल को दिल से ही चाहने लगी हूँ। मैं उनकी याद में हमेशा खोने लगी हूँ। भले वो मेरे से 25 साल बड़े हैं पर करूँ भी तो क्या। शुरुआत में तो अंकल मेरे ऊपर ध्यान नहीं दिया पर धीरे धीरे वो मेरे तरफ आकर्षित होने लगे।
और एक दिन वो मुझे अपनी बाहों में भर लिए जब ऑन्टी घर में नहीं थी। वो मुझे चूमने लगे और मुझे अपनी बाहों में समेटने लगे। ये मेरा पहला एहसास था किस पुरुष के साथ। वो मेरी चूचियों को भी पकड़ कर मसले थे। वो फिर मेरी पेंटी में हाथ घुसाने लगे पर मुझे अच्छा नहीं लगा और मैं अलग हो गई बोली फिर कभी। दोस्तों उसके बाद उस दिन घर चली गई और फिर दूसरे दिन आई पर दूसरे दिन ऑन्टी घर में थी इस वजह से ज्यादा कुछ नहीं हुआ था। पर आज सुबह जैसे ही उनके घर पर गई पता चला ऑन्टी नहीं हैं। वो अजमेर गई हैं। तो घर में वो अकेले थे उन्होंने मुझे बाहों में भर लिया।
और फिर शुरू हो गया चूमना चाटना, मैं मदहोश हो गई थी क्यों की वो मुझे गरम कर चुके थे। वो मेरी चूचियों को पि रहे थे दबा रहे थे अपना लिप लॉक कर रहे थे मेरी गांड सहला रहे थे और धीरे धीरे करके मेरे सारे कपडे उतार दिए। मैं नंगी हो गई उनकी साँसे तो तेज हो ही गई थी मेरी भी साँसे जोर जोर से चलने लगी थी। मेरे होठ सुख रहे थे मैं बार बार अंगड़ाइयां ले रही थी। मैं खुद को संभाल नहीं पा रही थी मैं बेड पर पैर फैला दी।
उन्होंने मेरे चूच को पीने लगे। मेरे चूत को सहलाने लगे। मेरी चूत पर छोटी छोटी बाल था उसके वो अपने ऊँगली से सहला रहे थे और बिच बिच में चूत पर ऊँगली लगा कर फिर वो अपने मुँह में ले रहे थे। और मजे ले रहे थे। फिर उन्होंने मेरे पैरों को अलग अलग किया और चूत पर अपनी जीभ रखी दोस्तों उनके जीभ रहने से ही मैं बैचेन हो गई ऐसा लगा मेरे पुरे शरीर में करंट दौड़ गया। मैं छटक गई और अब ऐसा लग रहा था जब वो जीभ लगाएंगे वैसे ही मुझे करेंट लगेगा। उन्होंने अब मुझे जोर से पकड़ लिया। और मेरे दोनों पैरों को दबा लिया कस के और जो फिर से चूत पर जीभ रख दिया इस बार मैं कुछ नहीं कर पाई और मैं अपने आप को सौंप दी उनको पांच मिनट में ही शांति हो गई।
अब मजे से चटवाने लगी मेरी सिसकारियां निकल रही थी। मैं अपने होठ को अपने दांतों से दबा रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे की मैं जन्नत में हों। दोस्तों उन्होंने मेरे पुरे बदन में अपना जीभ और हाथ फेरे उन्होंने मुझे कामुक बना दिया। मेरी चूत धधक रही थी और पानी छोड़ रही थी। मेरी चूत काफी गीली हो गई थी।
अब उन्होंने अपना मोटा लौड़ा निकाला और मेरी चूत पर लगाया। पर मेरी चूत वर्जिन थी छेद नहीं था। उन्होंने पहले अच्छे से मेरी चूत को देखा और फिर थूक लगाया चूत में भी और लैंड पर भी। और फिर सेट किया चूत के छेद पर, दोस्तों मैं पागल हो रही थी ऐसा लगा रहा था वो बर्णन नहीं कर सक रही हूँ। उन्होंने धीरे से अंदर किया पर गया नहीं उनका लौड़ा मूड रहा थे। वो कोशिस फिर से किये दो तीन बार असफल रहने के बाद। उन्होंने मेरी तंग चूत में पूरा लौड़ा घुसा दिया।
पर दर्द से कराह उठी छटपटा उठी। मैं रोने लगी दर्द के मारे। उन्होंने मेरी चूचियों को सहलाने लगे। और फिर धीरे धीरे से अंदर बाहर करने लगे। मैं दर्द से कराह रही थी क्यों की काफी दर्द हो रहा था। पर अंकल धीरे धीरे करके जोर जोर से घुसाने लगे। अब तो तेज हो गए और जल्दी जल्दी अंदर बाहर। मेरा पूरा बदन हिल रहा था। और वो धक्के पर धक्के दे रहे थे।
पर पांच मिनट बाद ही मैं जोश में आ गई। मैं अब खुल गई थी और अब उनको पकड़ कर चूमने लगी उनके सीने को सहलाने लगी और खुद गांड को गोल गोल घुमा घुमा कर लेने लगी। अब असली मजा आने लगा था। चुदाई का, अब मस्त होकर चुदवाने लगी। वो मुझे दो तीन तरीके से चोदे और मैं भी खूब चुदी और फिर वो झड़ गए मैं तो पहले ही बस हो गई थी।
फिर मैं कपडे पहनी पानी पि और घर आ गई। आकर सो गई थी उठी तो आपको ये कहानियां सूना रही हूँ। चुत में अभी भी दर्द है पर मजे का दर्द है। ये एहसास मैं कभी नहीं भूलूंगी और मैं आपसे अनुरोध करती हूँ आप रोजाना इस वेबसाइट पर आइये और मजे लिए। नॉनवेज स्टोरी से बढ़िया कोई भी वेबसाइट नहीं। जब मैं खुद पढ़ती हु तो आप क्यों नहीं? जल्द ही दूसरी कहानी लेकर आउंगी तब तक बने रहिये रोजाना।

होली मे भाभी की खेत मे चुदाई

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नमस्कार दोस्तो मैं प्रेम आप सभी चुत वालीयो को लंड से नमस्कार करता हू. और लंड वालो को अपने आप करलेणा. पड़ोस की भाभी को चोदा
तो अब मैं स्टोरी पे आता हू इस . जब मैं होली पे गाव गया तो 3 साल बाद गया था क्यो की किसी भी होली मे छुट्टी नही किया करता था . जब मैं गाव गया तो सब लोग काफ़ी खुश हुए.
ट्रेन का थका हारा मैं उस दिन सो गया और रात को 9 बजे जागा जब पापा हमे जगाने आए तो उस रात खाना खाकर फिर से सो गये.
शुबह उठा छत पे गया एक्सर्साइज़ करने को तो देखा की मेरे बगल वाले छत पे एक औरत सो रही है तो मैने सोचा चाची या कोई दीदी होंगी. तो मैने ध्यान नही दिया और मैं अपने काम मे मस्त हो गया थोड़ी देर बाद मुझे ऐसा लगा की कोई मुझे देख रहा है तो मैं पलट कर देखा तो देखता ही रह गया..
वो ना तो चाची थी और ना ही दीदी सो मैं उन्हे देखता ही रहा वो देखने मे एक से कोई पर जैसी लग रही थी गोल चेहरा सुरहिदार गर्दन 34 के बूब्स देखने मे एकदम परी ही है वो तीखे नयन नक्श तो मैं उन्हे कम से कम 2 मिनिट तक घूरता रहा फिर वो खुद ही बोली की क्या आप प्रेम है.
तो मैने हा मे जबाब दिया तो उन्होने बताया की मैं टीपू की भाभी हू तो मुझे ध्यान आया की टीपू भैया की शादी हो गई है और ये उन्ही की वाइफ है तो मैं उन्हे नमस्ते किया और थोड़ा बोहोत बात हुई और वो चली गई की अब हम चलते है काम करना है दोपहर मे ज़रूर आईएगा मैं आपका इंतजार करूँगी सो मैं भी अपने काम मे मशकुल हो गया.
फिर हम शाम को खेत की तरफ़ घूम रहे थे की भाभी आती हुई दिखाई दी तो मैं भी भाभी के पास आगया तो भाभी ने कहा क्या कर रहे हो अकेले अकेले तो मैने कहा घूम रहा हू तो वो बोली चलो हमारे खेत की तरफ चलो तो मैं चल दिया और रास्ते मे बाते हुई और हसी
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फिर हम खेत मे पहुच कर घास भी साथ मे काटे और खूब हसी मज़ाक हुई बातो ही बातो मे हम सेक्स पे आगये और वो कहने लगी की भैया के शहर जाने के बाद तो हर रोज उंगली ही करती हू.
तो मैने कहा की क्या गाव मे कोई मर्द आपको नही मिलता इसपे वो कहने लगी नही यहा रहने वालो पे कोई भरोसा नही हैं. दो महीना पहले शंभू की बीबी को गाव मे सब लोग जानते है की 15 लोगो से चुदवाति है हर कोई जानता है इसके कारण उसे घर मे ताने पड़ते है.
तो हमसे मिलवा दो उसे तो वो बोली की क्यो तो मैं बोला मैं भी उन्हे चोदना चाहूँगा तो वो बोली ठीक है पर हमारी एक शर्त है मैं बोला क्या ये बात आप किसी से नही बताओगे तो मैं बोला ठीक है. फिर वो कहने लगी क्या हम दोनो भी कर सकते है पर आपको किसी को नही बताना होगा तो मैं राज़ी हो गया..
और कहा मैं तो यहा सिर्फ़ 10 दीनो के लिए ही आया हू अगर आप हमे बिज़ी रखेंगे तो क्या बात है तो वो राज़ी भी हो गई कहने लगी की जब से वो अगये है 1.5 साल हो गये नही आए है तो मैं तब से प्यासी ही हू सुबह आपको देखा तभी से सोच रही थी की कल होली से पहले अपना
तो होली मे ज़्यादा मज़ा आएगा तो हमने खेत मे ही उनके साथ शुरू होगया वो कहने लगी यहा नही गन्ने के खेत मे चलो फिर हम दोनो वाहा पहुचकर आराम से अपने कपड़े उतारे और वो अंडर गारमेंट एक भी नही पहनी हुई थी और उनकी चुचिया एक दम सक्थ थे तो मैने उनसे पूछा की इतना टाइट कैसे हैं.
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वो बोली की शादी के बाद मुश्किल से 20-30 बार चुदि हू तो क्या आप का चुतताड़ भी टाइट होगा ना तो वो बोली की शहर मे रहते हो तो चुत चोदना तो जानते ही होगे फिर क्या है. तुम मुझे आछे से चोदना ताकि
तो मैने कहा आपको ऐसा चोदुन्गा की आप हमे जीवन भर नही भूल पाएँगी. सो मैने उनके होट पे लीप किस करने लगा तो वो गरम होने लगी और बोलने लगी की प्लीज़ प्रेम मुझे मेरे चुत को रगाडो और उंगली डालो तो मैं उनकी चुत को रगड़ने लगा.
फिर उनकी होट से लेकर चुत तक खूब चाटता रहा और वो बोलती रही आज तक वो इतना प्यार नही किए आज से मैं तुम्हारी रखेल हू तुम्हे जब भी दिल करे मुझे बो देना मैं आ जाउन्गि.
तो फिर मैं उन्हे किस करने लगा और उनके चुचि और चुत दोनो को मसलने लगा तो वो बहुत ही जल्दी झड़ गई और फिर भी मैने चूमना और चूसना चालू रखा और लगभग 5 मिनिट बाद वो फिर से बोली की प्लीज़ जल्दी से हमे चोद दीजिए नही तो मैं पागल हो जाउन्गि..
मुझे अपना फीडबॅक देने के लिए कृपया कहानी को ‘लाइक’ ज़रूर करे, ताकि कहानियों का ये दौर देसीकाहानी पर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.
सो तब मैं अपना अंडरवेर उतारा तो वो देखकर बोली की बापरे इतना लंबा और मोटा उनका तो 4 इंच का है आप का तो 7 इंच का लगता है और मोटा भी बहुत है तो मैं बोला इससे कुछ नही होता आपको बहुत मज़ा आएगा तो वो बोली प्लीज़ धीरे से डालना मुझे बहुत दर्द होगा तो मैने थूक उनकी चुतपे लगाया और लंड अंदर डाल दिया एक ही झटके मे तो वो रो पड़ी ये देख मैं रुक गया तो वो बोली तुम चोदो फिर मैं भी उनको चोदने लगा.
लगभग 20 मिनट चोदनेके बाद हम झड़ने के करीब पहुचे तो मैने उनसे पूछा कहा निकालु तो वो बोली बाहर निकालो तो मैने बाहर निकाल दिया वो तब तक 4 बार झड़ चुकी थी वो शांत हो कर वही पड़ी रही और कहने लगी आप जाओ मैं पीछे से आती हू फिर मैं वाहासे निकल गया और वो लगभग 5 मिनट बाद घर की तरफ जाती दिखी.
दोस्तो आगे की कहानी बाद मे लिखूंगा सो दोस्तो ये कहानी आपको कैसे लगी आप हमे ज़रूर बताइएगा।

लड़की को पुल टेबल पर चोदा

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम राज है और आज मैं आप सबको मेरी एक गरम लड़की से सेक्स की कहानी सुनाने जा रहा हूँ. मुझे पूल खेलने का बहुत शौक था और अपने इस शौक को पूरा करने के लिए मैं कई बार क्लब जाता था. क्लब में और भी बहुत से लड़के लडकियां ये खेल खेलने के लिए आते थे. मैं इस खेल का काफी अच्छा खिलाडी था, इसलिए सब मेरे साथ खेलने को बेताब रहते थे. वहां पर एक बहुत ही हॉट और गरम लड़कीपूजा भी पूल खेलने आती थी. वो बेहद ही उत्तेजक और कामुक थी, उसकी चूंचे बहुत बड़े और शानदार थे. जब वो पूल टेबल पर खेलती थी और शॉट लेने के लिए झुकती थी तो उसकी शर्ट में से उसके चुंचो की एक झलक मिलती थी. उसके चुंचे बहुत ही बड़े थे और झुकने पर उसके भारी चुंचे किसी का लंड भी खड़ा करने में समर्थ थे.  मैं उसे देख के बहुत रोमांचित हो जाता था और मेरी उसकी चूत मारने की बहुत इच्छा थी. पूजा एक बड़े बाप की बिगड़ी हुई औलाद थी जिसे मोजशोख और घुमने फिरने से फुरसत नहीं थी. वैसे उसके पीछे काफी लोग लट्टू थे क्यूंकि उसके बाप के पैसे को यह गरम लड़की दोनों हाथो से लुटाती थी, इस गरम लड़की पूजा के एक दो अफेर के बारे में मैंने भी सुना था.
मेरे मन में भी इस देसी जवानी की चुदाई मुड तो था ही. इस गरम लड़की की मटकती जवानी लंड मांगती थी और हम तो लंड देने ही बैठे थे. मैंने धीमे धीमे उससे नजदीकी की शरुआत की. धीरे धीरे हमारी बोलचाल शुरू हुई इस खेल से और फिर ये बोलचाल दोस्ती में बदल गयी. और आखिरकार एक दिन मुझे उसके चुंचे चूसने और चूत फाड़ने का मौका मिल ही गया. एक दिन दोपहर के वक़्त जब मैं पूल खेलने पहुँच तो पाया की पूरे पूल रूम में सिर्फ पूजा अकेली पूल खेल रही थी. मैं उसके पास गया तो उसने मुझसे हाथ मिलाया और एक मैच खेलने को कहा. वो एक बहुत ही ट्रांसपेरेंट सफ़ेद शर्ट पहन कर आई थी और ऊपर के दो बटन भी खुले हुए थे. इसमें से इस गरम लड़की के चुचें साफ़ दिखाई दे रहे थे और वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी. हमने खेलना शुरू किया और मैं जान कर उस से हारने लगा. मैच जीतने के बाद वो इतना खुश हुई की उसने मुझे गले से लगा लिया. वो जैसे ही मेरे बदन से चिपकी, वैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं अपने आप को बिलकुल नहीं रोक पाया और न चाहते हुए भी मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया. मैंने उसे धक्का देकर दीवार से चिपका दिया और पागलों की तरह उसके होंठों को किस करने लगा. वो भी पता नहीं क्यों, कुछ नहीं बोली और मुझे किस करती रही.
कुछ पल बाद जब मैंने होश संभाला तो मैंने अपने आपको को इस गरम लड़की से दूर किया और जाने लगा. वैसे मैं ऐसा जानबूझ के कर रहा था ताकि उसे लगे की मैं अच्छा आदमी हूँ वगेरह. इस पर उसने पीछे से मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे होंठों को चूसने लगी और मेरे कपडे उतारने लगी. मैं समझ गया की वो भी मुझसे सेक्स करना चाहती थी और अपनी चूत की अधूरी प्यास बुझाना चाहती थी. मैं भी उसके कपडे उतारने लगा और उसने अब तक मेरे सारे कपडे उतार दिए थे. मेरा लंड देखकर उसे काफी ख़ुशी हुई क्योंकि उसने आज तक कभी इतना मोटा और लम्बा लंड नहीं देखा था. मैं उसके चुंचे दबाने लगा और चूसने लगा. वो भी अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी. काफी देर तक उसके चुंचों का रस चूसने के बाद मैंने उसे पूल टेबल पर लिटा दिया और उसकी गरम गरम और बिलकुल गुलाबी चूत चाटने लगा. जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाली, वो बहुत ही कामुक हो गयी और उसने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मूंह अपनी चूत पर चिपका दिया. अब मैं उसकी चूत को बुरी तरह से चाटने लगा और हम दोनों ही इसमें बहुत मज़े आ रहे थे.
अब तक वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और मेरा लंड अपनी चूत में लेने के लिए तड़प रही थी. मैंने उसकी दोनों टंगे पकड़ कर चोडी की और उन्हें फैलाकर अपना लंड उसकी चूत पे रख दिया. इससे पहले की मैं कुछ करता उसने एक जोरदार धक्का मारा, और इस धक्के के साथ ही मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया. वो और जोर जोर से झटके मारने लगी और मेरा लंड बार बार उसकी गुलाबी चूत को भेदने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद मैं भी जोर जोर से धक्के मारने लगा और उसकी चूत का पूरा आनंद लेने लगा. कुछ देर बाद मैंने पोजीशन चेंज की और खुद टेबल पर लेट गया और उसे मेरे लंड पे बिठा लिया और झटके देने लगा. वो भी कूद कूद कर झटके देने लगी. हम दोनों को खूब मज़ा आ रहा था.
करीब 15 मिनट के बाद मैंने महसूस की किया अब मैं झड़ने वाला था और यह गरम लड़की भी लगभग झड चुकी थी. मैंने एक आखिरी जोर का झटका मारकर अपना लंड  उसकी चूत से निकाल लिया. इस पर उसने मेरा लंड अपने मूंह में ले लिया और पूल टेबल से नीचे उतर गयी. वो उसे हाथ से हिलाने लगी और इतने में मैं झड गया और मेरे लंड से वीर्य की धार निकल पड़ी. उसने उसे अपने होंठों से चिपका कर अपने मूंह से लगा लिया और उसे चाटने लगी. इसके बाद मैंने एक आखिरी बार उसके चुंचे दबाये और फिर हम दोनों अपने अपने कपडे पहनने लगे. इसके बाद वो अपने घर चली गयी और मैं पूल टेबल को साफ़ करने लगा. हालांकि मैंने चूत चुदाई बहुत बार की है, लेकिन लेकिन उस गरमा गरम लड़की की बिलकुल गुलाबी चूत और चुंचों जैसा आनंद और मज़ा और कहीं नहीं मिला.  मैं आज जब भी जब वहां पर पूल खेलने जाता हूँ तो उस गरमा गरम लड़की पूजा के साथ की गयी चुदाई याद आ जाती है.

Friday, 3 January 2020

दिशा के मुलायम होठों का मजा

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Antarvasna, hindi sex kahani: पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं शादी कर लूं लेकिन मैं दिशा को पसंद करता हूं। दिशा हमारी कॉलोनी में ही रहती है और मुझे वह बहुत ज्यादा पसंद है परंतु मैंने कभी भी दिशा से ज्यादा बात ही नहीं की। हम लोगों का परिचय एक दूसरे से तो है लेकिन हम दोनों एक दूसरे को कभी अपने दिल की बात नहीं कह पाए थे शायद यही वजह थी कि मैं किसी और से शादी नहीं करना चाहता था। मैं दिशा को बहुत पसंद करता हूं दिशा जब भी शाम के वक्त अपने ऑफिस से लौटा करती तो मैं उसे हमेशा ही देखा करता था। वह भी जब मुझे देखती तो उसे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था और मुझे भी दिशा को देखकर काफी अच्छा लगता। समय के साथ अब मुझे भी लगने लगा था कि मुझे दिशा से अपने दिल की बात कह देनी चाहिए लेकिन दिशा का परिवार अब हमारे पड़ोस से अपनी प्रॉपर्टी बेचकर दूसरी जगह रहने वाले थे। जब मुझे इस बारे में पता चला तो मुझे काफी बुरा लगा लेकिन अब समय निकल चुका था और मैं चाहता था कि दिशा से मैं एक दिन अपने दिल की बात कह दूं।
एक दिन मुझे वह मौका मिल ही गया जब दिशा से मैंने अपने दिल की बात कह दी उस वक्त मैं दिशा से पार्क में मिला था। उस दिन मैं जल्दी उठ गया था और मैं टहलने के लिए पार्क में चला गया। मैं टहलने के लिए पार्क में गया तो वहां पर मेरी मुलाकात दिशा से हुई और मैं इस मौके को बिल्कुल भी छोड़ना नहीं चाहता था। मैं चाहता था कि मैं दिशा से अब अपने दिल की बात कह डालूंगा और मैंने उस दिन दिशा से बात की। ना जाने उस दिन मेरे अंदर इतनी हिम्मत कहां से आ गई और मैंने दिशा को अपने दिल की बात कह दी। जब मैंने दिशा से अपने दिल की बात कही तो उसने मुझसे कुछ नहीं कहा और वह वहां से चली गई। मुझे भी लगा कि शायद यह मेरी तरफ से ही था इसलिए मैं भी इस बात को भूलने लगा था। दिशा की फैमिली भी अब हमारे पड़ोस में नहीं रहती है और काफी लंबे अरसे तक मेरी दिशा के साथ कोई भी बात नहीं हुई। ना तो मैं दिशा से मिल पाया था और ना ही दिशा मुझसे मिली थी मैंने सोचा कि शायद अब मुझे दिशा को भूल ही जाना चाहिए और मैंने उसे भूल कर अब आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था।
मैं अपनी नौकरी में पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था और मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक से चल रहा था। पापा भी अब रिटायर होने वाले थे और वह चाहते थे कि वह अपने रिटायरमेंट की पार्टी रखे इसलिए उन्होंने मुझे सारी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि बेटा तुम्हें ही सब कुछ संभालना है। मैंने पार्टी का सारा अरेंजमेंट खुद ही किया पार्टी का अरेंजमेंट हो चुका था और हमारे काफी रिश्तेदार भी उस पार्टी में आए हुए थे। पापा भी बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम लोगों ने पार्टी का अरेंजमेंट किया था उससे पापा बड़े ही खुश थे। पापा अपने रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर समय घर पर ही रहा करते थे और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता जब भी मैं अपनी फैमिली के साथ में होता हूं। एक दिन हम लोगों ने साथ में घूमने का फैसला किया और उस दिन पापा और मम्मी के साथ मैं शॉपिंग करने के लिए चला गया। पापा ने मुझसे कहा था कि बेटा आज हम लोग कहीं शॉपिंग करने के लिए चलते हैं तो मैं उस दिन पापा मम्मी के साथ गया और इत्तेफाकन उस दिन मेरी मुलाकात दिशा के साथ में हो गई।
जब मेरी मुलाकात दिशा से हुई तो मेरी उससे ज्यादा बात नहीं हुई और वह वहां से चली गई लेकिन मैं दिशा के बारे में सोच रहा था और उस रात मेरी आंखों से नींद गायब थी। मैं यही सोच रहा था कि क्या उस दिन मैंने यह सही किया मुझे दिशा को अपने दिल की बात कहनी चाहिए थी या नहीं। यह मेरे दिमाग में घूम रहा था और मुझे उस रात नींद ही नहीं आ रही थी मैं बहुत ही ज्यादा परेशान था। जिस तरीके से मैं और दिशा एक दूसरे को मिले थे उससे मैं बहुत ही ज्यादा परेशान हो गया था। अगले दिन मुझे अपने ऑफिस भी जाना था और मैं सुबह जल्दी तैयार होकर नाश्ता कर के अपने ऑफिस के लिए निकल गया। जब मैं ऑफिस के लिए गया तो उस दिन मुझे बहुत ही ज्यादा काम था और मैं ऑफिस में ही था। जब मैं ऑफिस से उस दिन घर के लिए लौट रहा था तो मुझे रास्ते में दिशा मिली और दिशा ने मुझसे बात की।
मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि उससे मेरी बात हो भी पाएगी या नहीं लेकिन मेरे लिए यह उस वक्त किसी भी खुशी से कम नहीं था। मैंने दिशा से बात की और दिशा मेरे साथ में कुछ समय बिताना चाहती थी हम दोनों कॉफी शॉप में चले गए और वहां पर हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बातें की। हालांकि दिशा ने हीं मुझसे उस दिन के बारे में कोई भी बात नहीं की और हम दोनों करीब दो घंटे तक साथ में रहे और फिर दिशा वहां से चली गई। दिशा वहां से तो जा चुकी थी लेकिन मुझे इस बात की खुशी थी कि मैंने दिशा से अपने दिल की बात कह दी थी और मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। समय के साथ-साथ अब हम दोनों एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आते जा रहे थे और हम दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे थे। यही वजह थी कि दिशा और मैं एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे।
जब भी मुझे दिशा की जरूरत होती तो वह हमेशा ही मेरे साथ खड़ी नजर आती और मुझे भी इस बात की बहुत ज्यादा खुशी थी कि दिशा मुझे बहुत ज्यादा प्यार करती है। हम दोनों का प्यार दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा था और मेरे लिए यह बड़ी खुशी की बात थी जिस तरीके से दिशा और मैं एक दूसरे को प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ में हम दोनों समय बिताते हैं। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था और दिशा भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में समय बिताया था और एक दूसरे को हम लोग बहुत ही अच्छी तरीके से समझने लगे थे। दिशा और मेरा रिलेशन अच्छे से चल रहा था। हम दोनों अब सेक्स के लिए तडपने लगे थे। जब पहली बार हमारे बीच सेक्स हुआ तो मैं काफी ज्यादा खुश था और दिशा को भी मेरे साथ सेक्स करने मैं बहुत ही मजा आया था। मैने दिशा को अपने घर पर बुलाया था वह घर पर आ गई थी। हम दोनो की रजामंदी से हमारे बीच सेक्स हुआ था। हम। दोनो साथ मे थे। हम दोनो साथ मे लेटे थे। मैं दिशा से चिपकने लगा था।
मेरा हाथ जब दिशा के स्तनों पर लगने लगा मै गरम होने लगा था वह भी गरम होने लगी थी। मैं दिशा के स्तनों को दबाने लगा था मुझे बहुत ही मजा आने लगा था जब मै उसके स्तनो को दबाता। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ खूब जमकर मजा लेने के बारे में सोच लिया था। मैं उसके होठों को चूम रहा था और मुझे आशा के गुलाबी होंठों का रसपान कर के मजा आ रहा था। दिशा को भी मजा आने लगा था और मुझे भी मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे होठों को चूम रही थी।
मैंने अब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो दिशा भी गरम हो गई और वह अपने कपड़े उतारने लगी थी। वह अब अपने कपड़े उतार चुकी थी मैंने उसकी ब्रा खोली और उसके गोरे स्तनों की तरफ देखा मैं अपने आपको रोक नहीं सका मैं उसके स्तनों का रसपान करने लगा था। मैं उसके निप्पल को जिस तरह से चूस रहा था उससे वह मुझे कहने लगी तुम ऐसे ही मेरे स्तनो को चूसते रहो। मैं उसके गोरे हो स्तनों को चूमता जा रहा था और उसकी चूत से पानी निकलता जा रहा था उसको बड़ा मजा आने लगा था। अब मुझे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी और अपने पैरो को आपस मे मिलाने लगी थी।
मैंने दिशा की जींस को नीचे उतारने का फैसला किया और उसकी जींस को नीचे उतार फेंका। जब मैंने उसकी पैंटी को नीचे उतारा तो मुझे उसकी गोरी चूत दिख अच्छा लग रहा था उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसकी गोरी चूत देख मेरा मन उसकी चूत चाटने का हुआ और मै उसकी चूत को चाटने लगा था। उकाफी देर तक उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने उसकी योनि में लंड को लगाया और उसकी चूत के अंदर लंड को डालने लगा। उसकी टाइट चूत मे मेरा लंड जा ही नहीं रहा था मैंने अब उसके दोनो पैरों को खोल लिया था। मैंने जब उसके पैरों को खोल तो मेरा लंड दिशा की चूत मे जाने लगा था अब मैंने उसे चोदना शुरु कर दिया था वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक चला गया था।
मुझे मजा आने लगा था अब हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स के मजे लेने लगे थे और दिशा की योनि से खून निकल रहा था। मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स किया। काफी देर तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए जब मेरा वीर्य पतन दिशा की चूत मे हो गया तो हमने कपड़े पहन लिए। फिर हम दोनो लेटे रहे और बाते करने लगे थे मुझे दिशा की चूत का मजा लेकर अच्छा लगा। वह मुझे कहने लगी कही कुछ होगा तो नहीं। मैने उसे कहा कुछ नही होगा तुम्हे चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब वह भी खुश थी और मै भी खुश था। दिशा ने मुझे कहा मै चलती हूं उसके बाद वह चली गई थी। हम दोनो के बीच अक्सर सेक्स संबध बन ही जाता है और वह भी बडी खुश है जिस तरह हमारे बीच सेक्स संबध बनते है।

8 Inch Ke Lund Se Pyari Aunty Ki Chudai

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मेरा नाम अमन है और में 25 साल का हूँ और मुंबई में रहता हूँ। मेरी एक आंटी है जो हमारे पड़ोस में ही रहती है और वो जॉब भी करती है। आंटी की उम्र करीब 38 साल है और वो तलाकशुदा है, उनके दो बेटियाँ है, जिसमें से बड़ी की उम्र 21 साल और छोटी की उम्र 18 साल है। 8 Inch Ke Lund Se Pyari Aunty Ki Chudai.
उनकी दोनों लडकियाँ पढ़ाई करती है और आंटी का फिगर साईज 38-32-38 है और में उनके घर पर जब भी जाता हूँ तो में बस उनके बूब्स और गांड को ही देखा करता था और उनकी बड़ी बेटी का भी साईज 38-28-34 है और उसकी गांड बहुत ही प्यारी थी। में आंटी को हमेशा सेक्सी निगाहों से देखता था, लेकिन उन्होंने कभी भी मेरी तरफ गौर नहीं किया था।
फिर एक दिन जब में उनके घर उनसे मिलने गया, तो वो अकेली थी और उन्होंने पीले कलर की सिल्की साड़ी पहन रखी थी, जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी, उनका ब्लाउज बहुत ही छोटा था, जिसमें से उनके बूब्स के बीच की काफ़ी गहराई तक नजर आ रही थी।
उन्होंने मुझसे चाय के लिए कहा तो मैंने हाँ कर दी। फिर वो चाय बनाने चली गई और अब में उनके बेडरूम में बेड पर बैठा था और टी।वी देख रहा था। अब टी।वी पर उनकी पसंदीदा हिरोइन रेखा का एक गाना आ रहा था, जो में देख रहा था। फिर उन्होंने जब सुना तो वो आई, लेकिन उनके आने पर मैंने चैनेल चेंज कर दिया, तो वो आई और बोली कि रेखा का गाना दुबारा से लगाओ। मैंने फिर से वो गाना लगाया और वो जाकर चाय ले लाई।
अब वो गाने में खो गई थी और में उनमें, अब मुझे भी ध्यान नहीं रहा था कि वो मुझे चाय का कप दे रही है और में पकड़ना ही भूल गया, शायद जानबूझकर और गर्म-गर्म चाय मेरी जांघो पर गिर गई, तो उन्होंने देखा तो वो घबरा गई कि गर्म-गर्म चाय और वो दौड़कर गई और एक पानी का गिलास लाकर उस पर डाल दिया और जल्द बाजी में टिश्यू नहीं मिलने पर अपनी साड़ी के पल्लू से उसको साफ करने लगी।
जब उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया तो मुझे उनके बूब्स साफ़-साफ़ नजर आ रहे थे, जो कि मेरे घुटनों से दब भी रहे थे, जिससे मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया था। अब पानी साफ करते- करते उनका हाथ मेरे लंड पर जा लगा था, तो वो उसे भी साफ करने लग गई और अपने बूब्स को मेरे घुटनों के और करीब करके जोर से दबाने लगी, तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उन्हें पकड़कर जोर से उनके होंठो पर एक फ्रेंच किस कर लिया।       Pyari Aunty Ki Chudai
अब मेरा लंड अभी भी आंटी के हाथ में था और मेरे घुटने उनके बूब्स को लगातार प्रेस कर रहे थे और मेरे होंठ उनके होंठो को चूस रहे थे। फिर करीब 8-10 मिनट तक में उनके होंठो को चूसता रहा और इस बीच में 2-4 बार उन्होंने और मैंने दोनों ने एक दूसरे को चूसा, यानि एक दूसरे का थूक चाटा, जिससे मेरा और आंटी हम दोनों के होंठ पूरे गीले हो गये थे।
फिर जब मैंने किस करना बंद किया, तो तब तक वो मेरा लंड मेरी पैंट से बाहर निकाल चुकी थी और फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। अब में 15-20 मिनट तक आआआआहह, आहहहह कर रहा था और तब तक वो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूसती रही और में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से जोर-जोर से दबा रहा था। अब उसने मेरे लंड को अपने दातों से हल्का-हल्का काटना भी शुरू कर दिया था, जिससे मेरे बदन में अजीब सी हरक़त होने लगी थी।     Pyari Aunty Ki Chudai
मैंने उसके बूब्स को जोर से दबा दिया, जिससे उनकी चीख निकल गई और फिर उन्होंने उत्तेजित होकर मेरे लंड को छोड़कर मेरे होंठो को फिर से किस करना और काटना शुरू कर दिया और फिर थोड़ी देर के बाद फिर से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी।
फिर कुछ ही देर के बाद मेरे वीर्य का फव्वारा उसके मुँह के अंदर ही छूट गया और वो मज़े से मेरे लंड को चाट रही थी। फिर में बेड पर ही लेट गया और वो मेरे कपड़े उतारने लगी और मेरे पूरे जिस्म पर किस करना शुरू कर दिया।    Pyari Aunty Ki Chudai
उसने अभी तक अपनी साड़ी पहन रखी थी, तो तभी में उठा और उसका ब्लाउज उतारकर एक तरफ डाल दिया और फिर उसकी पिंक कलर की सिल्की ब्रा जिसमें छोटे-छोटे छेद भी थे उतार दी और आहिस्ता-आहिस्ता उसको पूरा नंगा कर दिया और उसके बदन को चाटने लगा। फिर में एक बर्फ का टुकड़ा लाकर उसके बदन पर फैरने लगा और उसकी चूत पर बर्फ अपने दाँतों में लेकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा। अब वो चिल्ला रही थी आआआहहहह और अपनी गांड को ऊपर नीचे कर रही थी कि तभी अचानक से बर्फ उनकी चूत में चला गया और वो चीख उठी।
अब में अपनी एक उंगली से उस बर्फ को निकाल रहा था। फिर तभी वो बोली कि नहीं रहने दो अच्छा लग रहा है। फिर मैंने बर्फ को अंदर ही छोड़ दिया और उसकी चूत को चाटने लगा। अब बर्फ गर्मी में पिघल रही थी और बर्फ और चूत का पानी मिक्स होकर बाहर आ रहा था, जिसे में बड़े ही मज़े से चाट रहा था, वो खट्टा और ठंडा पानी बड़े ही मज़े का था और आंटी ज़ोर-ज़ोर से चीख, चिल्ला रही थी मादरचोद खा जाओ इस चूत को, अपनी आंटी की चूत को पूरा का पूरा खा जाओ।
मैंने उसकी चूत को जोर-जोर से चाटना शुरू कर दिया और उसकी चूत को अपने दातों से काटने लगा। अब आंटी की आवाज़ भी तेज़ हो रही थी और दूसरी तरफ मेरे दोनों हाथ उनके 40 साईज के बूब्स को जोर-जोर से दबा रहे थे। अब उनके बूब्स पूरी तरह से लाल हो गये थे और उनका दूध भी निकलने लग गया था। फिर उनकी चूत को चाटने के बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेटाया और कहा कि आजा मादरचोद आ तू मेरा दूध भी पी ले।
में जोर-जोर से उनके बूब्स को चूसने लगा। उनका दूध भी बहुत ही टेस्टी था। फिर करीब 15 मिनट तक उनके बूब्स चूसने और दूध पीने के बाद मैंने उनको डोगी स्टाइल में चोदना शुरू किया और उनकी गांड पर बटर लगाकर अपने 8 इंच लम्बे लंड को उनकी गांड में डाल दिया।
वो चीख उठी और बोली कि बाहर निकालो, मुझे दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और जोर-जोर से झटके देने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद आंटी को भी मज़ा आने लगा और वो भी मस्ती से अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी।
अब मेरे दोनों हाथ उसकी गांड पर और मेरा लंड उनकी गांड में था। फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने अपना पानी उनकी गांड में ही निकाल दिया। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला, तो आंटी उसको चाटने लगी। फिर में आंटी के ऊपर ही लेट गया और उनके होंठो को चूसता रहा और उनकी चूत में उंगली करता रहा।     Pyari Aunty Ki Chudai
फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों नंगे ही उठे और किचन में गये और वहाँ कुछ जूस और दूध पिया। फिर मेरे हाथ में बेलन आ गया, जो मैंने उसकी चूत में डाला तो उसने बोला कि बेलन छोटा है, अपना लंड मेरी चूत में डालो। फिर तभी मैंने आंटी को किचन में ही लेटाया और उनकी दोनों टाँगे अपने कंधो पर रख दी और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
में पहले तो आहिस्ता-आहिस्ता और फिर थोड़ी देर के बाद जोर-जोर से झटके देने लगा तो वो चीख उठी और बोली कि मादरचोद और जोर से चोद, फाड़ दो मेरी चूत को, आआआआहाआहह में मर गई जैसी आवाज़ें निकाल रही थी।
अब में तो और जोर-जोर से झटके दे रहा था। फिर करीब 8-10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने उनसे कहा कि में झड़ने वाला हूँ, तो उसने बोला कि अंदर ही छोड़ दो। फिर मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना फव्वारा छोड़ दिया और आंटी के ऊपर ही लेट गया। अब में और आंटी दोनों थोड़ी थकावट महसूस कर रहे थे और फिर में उनके ऊपर लेटकर आहिस्ता-आहिस्ता उनके बूब्स चूसने लग गया। अब वो पूरी तरह से संतुष्ट थी और मुझसे बोली कि तुमने मेरा दिल खुश कर दिया। अब में हफ्ते में उसे 2-3 बार चोदता हूँ और हम दोनों खूब मजा करते है।   Pyari Aunty Ki Chudai

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