Sunday, 23 February 2020

बहन की गरम खून की चुदाई

By With No comments:
 हेलो दोस्तो, मेरा नाम पंकज है और मैं अपनी मा और अपनी बहन के साथ दिल्ली मे रहता हूँ. ये कहानी तब की है जब मैं 24 साल का था और मेरी मा जिसका नाम पूजा है उनकी उमर 39 साल और मेरी बहन दिशा उसकी उमर 18 साल की थी. हमारे साथ एक नोकर भी रहता था जिसका नाम राजू है और उसकी उमर 24 साल थी. मेरे पापा जिनका नाम राज कुमार है वो हमारे साथ नही रहते. मेरे मा-बाप एक साथ नही रहते क्योकि उनका तलाक़ हो रखा है और तलाक़ हुए भी 8 साल हो चुके है. बेस्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी

सुनने मे पता चला है की मेरी मम्मी और मेरे पापा के बीच तलाक़ इसलिए हुआ क्योकि पापा मेरी मम्मी को सॅटिस्फाइड नही कर पाते थे. मेरी मम्मी की हाइट 5 फुट 5 इंच है और गोरा-चित्ता बदन, बड़े-बड़े बूब्स और गोल-गोल चुत्तर जिसको मम्मी मटकाती हुई चलती है. मेरी मम्मी पूजा बहोत ही सुंदर है और उस पर कई लोग लाइन मारते है पर मम्मी किसी को भी घास नही डालती.
हम लोग एक किराए के मकान मे रहते है और वाहा का जो मकान-मालिक है वो भी मेरी मा पर लाइन मारता है पर मेरी मा उसको भी हाँ नही करती. मेरा एक बहोत ही अछा दोस्त है जिसका नाम ललित है और उसकी बहन सोनम मेरी बहन दिशा की बेस्ट फ्रेंड है और अक्सर घर पर आती-जाती रहती है.
दोस्तो, मैं भी अब जवान हो चुका हूँ तो मुझे भी अब सेक्स की नालेज मेरे दोस्तो से मिल चुकी है. हमने एक साथ बैठ कर सेक्स वीडियोस देखी है, सेक्स स्टोरीस पड़ी है और भी पता नही क्या- क्या. एक दिन मेरे दोस्त ललित ने मुझे एक सेक्स की किताब दी जिसका नाम ‘ जवानी की नादानी’ है. मैं उसे अपने कमरे मे रखकर पढ़ने लग गया तो मुझे पता चला की उस किताब का हीरो अपनी सग़ी बहन की ही फुददी मार लेता है और दोनो एक दूसरे के साथ खूब सेक्स करते है.
More Sexy Stories ट्यूशन टीचर की बेटी की चुदाई
ये सब पढ़ कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया और मेरे आँखो के सामने अपनी बहन दिशा का चेहरा आ गया. मेरी बहन दिशा मेरी मम्मी की बिल्कुल परछाई है और उसके छोटे-छोटे बूब्स और चुत्तर बहोत ही ज़्यादा मस्त है. मैं अपनी बहन को खुली आँखो से चोदने के सपने लेने लग गया और उस समय जब मैं अपने लंड को हाथ मे पकड़ कर मूठ मार रहा था तब मेरे लंड से इतना ज़्यादा पानी निकला जो की आज तक नही निकला था.
अब मैने वो बुक बंद करी और अपनी अलमारी मे कोने मे छुपा दी ताकि कोई उस बुक तक ना पहॉंच पाए. अगले दिन मैं अपने दोस्त ललित के पास दोपहर मे बैठ कर शराब पीने लग गया और खूब बाते भी करी की तभी ललित फटाफट शराब पीने लग गया जिसको देख कर मुझे हैरानी हुई इसलिए मैं बोला – क्या हुआ ललित?
ललित- तुम भी जल्दी से शराब पिलो क्योकि मैने अपनी दीदी के घर जाकर उनकी चुदाई करनी है और चाहो तो तुम भी साथ चल सकते हो क्योकि उनकी ननद को भी चुदवाने का बहोत शौक है. और वैसेभी मेरे जीजू शुगर के पेशेंट है इसलिए वो दीदी को सॅटिस्फाइड नही कर पाते इसलिए उनके ही कहने पर मैं दीदी की चुदाई करता हूँ. बेस्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी
ये बात सुनकर मैं हेरान हो गया पर मन भी बहोत किया उसके साथ जाने का पर जब आसमान के घने बादल देखा तो मना कर्दिया.
मैं – ललित मैं जाना तो चाहता हूँ पर मेरी मम्मी की कमर के दर्द की मेडिसिन भी लेनी है और ये काले बादल कभी भी बरस सकते है इसलिए तुम चले जाओ, मैं फिर कभी चलूँगा.
मम्मी को हलवाइयों ने मिल के चोदा
मेरा इतना कहने की देर ही थी की बारिश शुरू हो गई और ललित अपनी बाइक स्टार्ट करके वाहा से निकल चुका था और मैं भी बारिश मे भीगता हुआ मेडिसिन लेने चला गया. रास्ते मे बारिश और तेज हो गई, बिजली के कडकने की भी आवाज़े सुनने लगी और बरफ के ओल्ले भी गिरने लग गये.
मैने जैसे-तैसे मम्मी की मेडिसिन ली और फटाफट अपने घर की और चल पड़ा. बारिश के तेज होने की वजह से लाइट भी बंद कर दी गई और ठंडी-ठंडी ह्वाए भी चलने लग गई. मैने रास्ते मे से एक शराब की बॉटल भी ली क्योकि मैं उसे घर मे बैठकर पीना चाहता था और फिर घर की और चल पड़ा. घर मे बिल्कुल अंधेरा हो रखा था और फिर मैं जैसे ही पहॉंचा तो सोचा पहले मम्मी की मेडिसिन दे आता हूँ फिर
इतना सोचने के बाद अब मैं मम्मी के कमरे की और चल दिया और जैसे ही मैं कमरे के पास पहॉंचा तो मुझे मम्मी के चीखने की आवाज़े सुनने लगी. मम्मी दर्द के मारे- आआहह आअहह कर रही थी. तो मुझे लगा की मम्मी का कमर का दर्द बढ़ चुका है इसलिए वो दर्द के मारे छींख रही है.
अब मैने जब अंदर देखा तो मुझे तो कुछ और ही देखने को मिला. मेरी मम्मी पूजा ज़मीन पर घुटनो के बल झुकी हुई थी और उनके शरीर पर एक भी कपड़ा नही था और पीछे हमारा नौकर राजू अपना लंड मेरी मम्मी की चूत मे डाल कर चोद रहा था. ये देखकर मैं हैरान रह गया पर फिर भी मैं अपनी मम्मी को राजू से चुदते हुए देखे जा रहा था. बेस्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी
राजू का लंड काफ़ी बड़ा था क्योकि मम्मी उसके लंड को पूरा नही ले पा रही थी और वो कुत्ते की तरह मम्मी को चोदे जा रहा था. राजू की आँखे भी बंद थी क्योकि अगर उसकी आँखे खुली होती तो वो मुझे ज़रूर देख लेता. दोनो चुदाई के समुंदर मे खो चुके थे और चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे थे.
राजू मेरी मम्मी की चूत मे से लंड निकाल कर उस पर अपनी थूक लगाकर फिर से डालता जिससे मम्मी को खूब मज़ा आ रहा था और वो उनके लंड को अंदर लेकर खूब मज़े मे चुदवा जा रही थी.
राजू मज़े मे चोदता हुआ बोल रहा था- मेरी पूजा, तुझे कितने दीनो बाद चोदने का मोका मिला है, तेरा जिस्म तो और चिकना होता जा रहा है, तेरी चूत तो और टाइट होती जा रही है, मुझे बहोत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा है. आआहह पूजा आई लव यू आअहह आहह. मेरी जान, तू मुझसे ऐसे ही चुदवाते रहना, तुझे चोद-चोद कर मेरा लंड घोड़े के लंड जितना बड़ा होज़ायगा, मेरी जान बहोत मज़ा आ रहा है.
मम्मी भी मज़े लेते हुए बोल रही थी – आअहह आहह राजू, चोद मुझे जमकर चोद, बहोत तड़पति हू इसके लिए. अगर तू ना होता तो मेरी चूत तो बिना लंड के तड़प कर ही मर जाती क्योकि मेरे पति मे तो इतना ताक़त ही नही थी की वो मुझे संतुष्ट कर सके. आआहह चोद मादर्चोद, चोद, मेरी चूत का आज भरता बना दे.
मम्मी की ये सब बाते सुनकर राजू उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया और बोला – आअहह बेहेन्चोद, ले मेरा मोटा लंड अपनी चूत मे, साली तू तो जवान होती ही जा रही है मुझे तुझे चोदते हुए 8 साल हो चुके है और तू है की जवान होती जा रही है. अब मेरे लिए कोई नयी चूत का भी बंदोबस कर दे, वैसे तेरी बेटी भी अब जवान हो गई है, उसी की चूत देदे अपने राजू को, तुम दोनो मा- बेटी की दिन रात मैं सेवा करूँगा.
More Sexy Stories दोस्त ने पैसो के बदले रंडी बना दिया
मम्मी उसकी बाते सुनकर अपनी गॅंड उसके लंड पर रगड़ने लग गई की तभी राजू ने मेरी मा की गॅंड मे लंड डाल दिया और उनकी कमर पकड़ ज़ोर ज़ोर से उन्हे चोदने लग गया. मैं बाहर खड़ा ये सब देखता रहा और मुझे तो इतना भी ख्याल नही आया की मेरे हाथ मे मम्मी की मेडिसिन है.
राजू मेरी मा को चोदे जा रहा था और तभी वो मम्मी के उपर चढ़ के उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लग गया और अपना लंड उनकी गॅंड मे ज़ोर ज़ोर से पेलने लग गया और बोला – आअहह पूजा मेरा निकला, मैं तो गया, आअहह आअहह.
इतना कहते ही वो ज़ोर ज़ोर से गॅंड मारने लग गया की तभी मम्मी ने ज़ोर से आगे हो कर लंड बाहर निकाल लिया और अपनी चूत पर राजू का हाथ रख उसका लंड मूह मे ले कर चूसने लग गई. राजू भी उनके निकले पानी से उनकी चूत को मल रहा था और मैं ये सब देख कर समझ गया था की मम्मी अंदर क्यो नही लेना चाहती थी.
अब मैं भी अपने लंड को पकड़ कर अपने कमरे मे आ गया और खुद के लिए शराब बनाने लग गया और तब तक राजू भी मम्मी को चोदकर बाहर चला गया था और मम्मी भी अपनी सहेली के घर के लिए निकल चुकी थी. मेरा मूड तो पहले ही ललित ने खराब कर दिया था पर जब मम्मी को नोकर राजू से चुदते हुए देखा तो मेरा हाल बुरा हो गया और मैने अपने लंड को पकड़कर उपर नीचे करना शुरू कर दिया.
मैने अपना निकालने से पहले देखना चाहा की घर पर कोई तो नही है इसलिए मैं अब अपनी अलमारी से सेक्स की बुक लेने के लिए उठा तो वो बुक मुझे वाहा नही मिली तो मैं एक दम से डर गया और घर के हर एक कोने मे जाकर बुक को देखने लग गया. मैं सब जगह देख ही रहा था की मुझे अपनी बहन दिशा के कमरे से आअहह आअहह की आवाज़े सुनने लगी तो मैने देखा की दिशा और सोनम एक दूसरे के साथ नंगी चिपकी हुई थी और मेरी बहन दिशा सोनम की चूत मे जीब डाल कर चाट रही थी.
More Sexy Stories दोस्त की प्यारी बीवी कृतिका
सोनम मज़े मे आअहह आअहह कर रही थी और बोल रही थी- आअहह दिशा, और चाट मेरी चूत पूरी लाल कराडे, निकाल इसका पानी, आअहह आअहह. बेस्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी
ये सब सुनकर मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था और मैने देखा की मेरी बुक भी वही बेड पर खुली पड़ी थी और दोनो अपने मे मस्त हो रखी थी. मेरी आँखो के सामने ही दोनो 69 ली पोज़िशन मे आ कर एक दूसरे को प्यार कर रही थी.
ये सब देख कर मेरा तो दिमाग़ ही हिल गया था और मैं अब अपने रूम मे आ गया और वाहा पर मेरा फोन रिंग कर रहा था. मैने देखा तो फोन ललित का था जो की मैने पिक करलिया.
ललित- भाई यहा तो सब उल्टा हो गया, घर पर गेस्ट आ रखे है जिसकी वजह से मैं अपनी बहन को चोद भी नही पाया और अपना खड़ा लंड वापिस ले कर आ गया. तू भी यहा आजा, दोनो बैठकर दारू पीते है.
मैं- ललित अगर मज़े लेने ही है तो मेरे घर आ, तुझे सील बंद चूत का मज़ा दिलाता हूँ. आज तुझे अपनी बहन दिशा की चूत देता हूँ.
ललित – क्या सच मे ?
मैं – हाँ भाई सच मे, बस आते हुए एक बॉटल शराब की लेता आईओ.
मैने इतना कहकर फोन कट कर्दीया पर उसे ये ऩही पता था की मैं अपनी बहन की चूत तो तुझे दे रहा हूँ पर मैं भी बदले मे तेरी बहन सोनम की चूत मारूँगा.
अब इतना कहते ही मैं अपनी बहन के कमरे को खोल दिया तो दोनो एक दूसरे को प्यार करती हुई मुझे देख शॉक हो गई और मेरे पैरो मे आकर माफी माँगने लग गई.
दिशा- भैया, ये मम्मी को मत बताना और हमे माफ़ करदो.
मैने उसकी बात सुनकर उसे उपर उठाया और उसके बूंस को दबाते हुए और सोनम की चूत पर हाथ रखते हुए बोला – देख बहनो, तुम भी जवान हो गई हो और मुझे इनसे कोई दिक्कत नही पर तुम्हारी चूत को शांत सिर्फ़ लंड ही कर सकता है जिसका जुगाड़ मैने कर लिया है. अब तुम कहो तो मैं आहे बादू.
मेरी ये बात सुनकर दोनो हैरान हो गई और मुझे देखने लग गई. अब मैने अपनी पैंट उतारी और सोनम को अपने कमरे मे भेंज दिया. सोनम ऐसे ही मेरे कमरे मे जाकर बैठ गई और मैने अपनी बहन दिशा को सारी प्लानिंग बता दी. इतने मे अब ललित भी आ गया था जिसके साथ मैने दो ग्लास शराब के बनाए और कहा – ले मेरी बहन की जवानी की चूत. चोद दे साले.
ललित- सच मे, तेरी बहन की चूत तो फाड़ दूँगा.
ललित के इतना कहने के बाद मैने उसे अपनी बहन के हवाले कर अपने कमरे मे इंतेज़ार करती सोनम के पास जा पहॉंचा और उसको शराब पिलाते हुए उसके जिस्म को चाटने लग गया.
More Sexy Stories गर्लफ्रेंड की चुदाई उसके घर
सोनम- भैया आप ये क्या कर रहे हो, मेरा जिस्म जल रहा है, मेरी चूत तड़प रही हैं, मुझे अपना लंड दो, मेरी प्यास को शांत करो और मेरी चूत की तड़प भी ख़तम कर दो.
सोनम की बात सुनते ही मैं समझ गया की मुझे अब कोई देरी नही करनी चाहिए इसलिए खुद उसके उपर आकर 69 की पोज़िशन मे लेट गया और उसके मूह मे अपना लंड डालकर चुसवाने लग गया और खुद उसकी गुलाबी चूत को चाटकर उसका पानी पीने लग गया और जीब अंदर डाल कर उपर नीचे करने लग गया.
सोनम बड़े मज़े से मेरे लंड को चूस रही थी और मुझे भी खूब मज़ा आ रहा था और सोनम भी मज़े मे धीरे-धीरे आआहह आअहह कर रही थी.
अब मैने उसके मूह से अपना लंड निकाला और उसकी चूत पर रख के ज़ोर से धक्का दे दिया और मेरा लंड उसकी कुवारि चूत को फाड़ते हुए अंदर चला गया.
सोनम दर्द के मारे आअहह आअहब करी जा रही थी और मैं भी धीरे-धीरे उसकी चूत चोदे जा रहा था फिर कुछ देर चोदने के बाद हमे मज़ा आने लग गया और मैं अपनी बहन को चोदते हुए उसके बूब्स को मूह मे लेकर चूसने लग गया. बेस्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी
मैं – मेरी बहना, मुझे आज तो मज़ा ही आ गया, आज पहली बार मुझे चूत मिली वो भी बहन की , आआहह आआहह.
मुझे अपना फीडबॅक देने के लिए कृपया कहानी को ‘लाइक’ ज़रूर करे, ताकि कहानियों का ये दौर देसीकाहानी पर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.
More Sexy Stories गॅंड चुदाई मॉं की सेक्स कहानी
मैं उसे चोदता ही रहा और यही हाल ललित मेरी बहन दिशा के साथ कर रहा था और मैं सोनम के साथ. अब कुछ ही देर बाद मेरे लॅंड ने ज़ोर ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया और हम दोनो का एक ही साथ निकल गया और मेरा पहला पानी सोनम की चूत मे ही रह गया.
हम दोनो एक दूसरे को प्यार करने लग गये और दिशा और ललित की आवाज़े भी हमे सुनाई देने लग गई और जब वो दोनो फ्री हुए तो हम दोनो उनके पास चले गये.

चूत में बैगन खीरा दाल कर काम चला रही थी

By With No comments:
पति के टूर एंड ट्रेवल बिजिनेस होने के कारण मै अकेली ही रहती थी । इसी बीच महेश जी से खूब चुदवाई। लेकिन फिर मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया की क्या बताऊँ। महेश जी को अपने गाँव में कुछ कम होने के वजह से एक महीने के लिए जाना पड़ गया। 7 दिन तो जैसे तैसे निकल गए उसके बाद मेरी चूत और गांड लण्ड के लिए तराशने लगी। पति से कुछ होता नही था। लण्ड चूति में डाली 4 से 5 मं चोद कर शांत हो कर सो जाते। फिर उनको अपने काम के वजह से बाहर जाना पड़ता। इसी बीच वो फिर 15 दिन के लिए बाहर गए। Chut Mein Baigan Kheera Dal Kar Kam Chala Rahi Thi.
में रोज कभी चूत में खीरा या बैगन डाल कर खुद को शांत करती पर लण्ड की कमी खलती रहती। मेरे बगल में पड़ोसन गीता रहती उसकी भी 1 महीने पहले ही बेबी हुआ था। तो हम दोनों एक दूसरे के यहाँ आते जाते रहते थे। ज्यादा सूंदर नही थी मोटी थी वो। उनके पति का नाम शुभम था। उनसे भी मिलना जुलना लगा ही रहता । मेरे घर में मै और 1 साल की बेटी थी बस। एक ऐसे ही मै दिन का काम निपटा कर उसके घर गयी हुई थी।उसके बेड पर बैठ कर हमलोगों बाते कर रहे थे मेरी बेटी मेरी गोद में ही थी। गीता बोली की मैं अभी चाय बना के लती हु फिर हमदोनो बाते करते है और वो चली गयी किचन में चाय बनाने।
मैं वही बैठी रही। मेरे पैर में कुछ चुभा तो मै नीचे झुकी। पैर को मैं सहला रही थी तो मेरी नजर बेड के नीचे पड़े कंडोम पे परी । वो इस्तेमाल की हुई थी और उसमें वीर्य भी भरा हुआ था। मेरी तो चूत में जैसे कुलबुलाहट शुरू हो गयी। मैं सोची चलो गीता को छेड़ा जाये मैं  वो कंडोम उठा ली।उफ्फ्फ्फ कंडोम को देख के लग रहा था कि लण्ड काम से कम 9 इंच से कम नही होगा।गीता सच में किस्मत वाली थी की उसका इतना बड़ा लण्ड मिला । मैं कंडोम ले के किचन में जाने लगी ऐसे ही हाथ में लिए की गीता ये क्या है। में हँसते हुए कमरे से बाहर निकली तभी शुभम जी हॉल में सोफे बैठे हुए थे और मै वो कंडोम हाथ में हिलाते लेते जा रही थी गौतम जी मुझे देख रहे थे ।
जब मेरी नजर उनपे पड़ी तो वो भी शर्मा गये और मै भी। मै कंडोम को हाथों में छुपा ली और फिर गीता के बैडरूम में चली गयी। फिर गीता चाय ले के आयी फिर कुछ बाते हुए और में अपने घर चली आई वो भी कंडोम । मेरी चूत मानो लण्ड के लिए तड़पने लगी। तब मैंने सोचा क्यों न दूसरे लण्ड का जुगाड़ शुभम से ही कर लूं। उस रात को मैं चूत में खीरा डाल के शांत की अपने आप को। अब मै जब भी गीता के घर तो थोड़ा बन ठन के ताकि उसके पति की नजर मुझपे पड़े।मै डीप ब्लोज पहन कर जाती थी ताकि गौतम की नजर मेरे चूचियों पर हो। करीब 3 दिन लगे उसे पटाने में अब वो मेरी चूचियों को अच्छे से तारने लगा। मेरी चूत अब लण्ड के लये मचलने लगी थी। इसलिए मुझे ही पहल करनी पड़ी ।
एक दिन जब गीता के यहाँ शाम को घर गयी तो गौतम भी वही था। गीता गयी किचन कुछ कम के लिए। गौतम अपनी बेटे के साथ सोफे पे बैठा हुआ था मैं सोफे पे गौतम के सामने बैठ गयी।अपनी बेटी मैंने सोफे पे लिटाया और जान बूझ कर पल्लू गिरा दिया ताकि मामला अब आर या पार हो जाये। मै उनको देख कर मुस्कुरा दी बदले में वो भी मुस्कुरा दिए। फिर उन्होंने आँख मारी बदले में मैंने वही किया।मतलब बात पक्की हो गयी की दोनों एक दूसरे को भोगना चाहते है। उन्होंने नंबर माँगा मैंने उन्हें अपना नंबर दे दिया। फिर गीता आयी कुछ बाते हुई और फिर मै घर चली आयी। थोड़ी देर में कॉल आया । शुभम ने कहा यार मै तुम्हे सके दिल से चाहता हु,मेरी बीबी तुम्हरे सामने कुछ भी नही। वो पूरी तरह बहक कर बोला की मेरे साथ कभी समय बिताओ आप आपका पति आपके साथ नहीं रहता आप कैसे रात गुजरती होंगी। मुझे सेवा का मौका दीजिये। तो मै भी साफ साफ कह दी की आपको मैंने नंबर क्यों दिया सिर्फ बात करने के लिए।
कुछ देर ऐसे बात हुई फिर उन्होंने कहा कि आज रात मिलते है।तो मै बोली कैसे आपकी बीबी मिलने देगी क्या। फिर उन्होंने कहा कि उसकी चिंता आप मत करो मै 11 बजे दरवाजे पे खड़ा रहूंगा आप दरवाजा बस खोल देना। मै बोली ठीक है देखती हूं। मै भी घर का सारा काम करके के खुद को तैयार करने लगी सोची सेक्स ही तो करना है। ब्रा पैंटी रेड रंग पहन ली और ऊपर से नाईटी पहन ली। रात को 11 बजे कॉल आया की भाभी जी आप दरवाजा खोल के रखो मै आ रहा हु। मैं जैसे ही दरवाजे खोली शुभम तुरंत अंदर चले आये और फिर दरवाजा बंद। दरवाजे को बंद करते ही वो मुझ पर टूट पड़े। मेरे होठो को चूसने लगे। चूचियों को दबाने लगे। उनका लौड़ा मेरे नाभि पर ठोकर मार रहा था। मैं उनका साथ देने लगी।
5 मिनट दरवाजे पर चूमा चाटी के बाद उन्होंने गोद में उठाया और सीधे बेडरूम में ले गए वहां उन्होंने ने मेरी नाइटी निकल दिया और मेरे चूचियों को ऊपर से दबाने लगे। ब्रा एक झटके में उतार कर कही फेक दिया और मेरी चूचियों को पिने लगे।मैं मस्ती के उफान में गोते लगाने लगी। मेरे मुंह से सिसकिया निकलने लगी । मममम सससससस आआहह करने लगी मैं। वो मेरी चूचियों को बहुत जोरो से निचोड़ निचोड़ दूध पी रहा था। मैं अपने एक हाथ से उसके बाल सहला रही थी और दूसरे हाथ से उसके लण्ड को मुठी में भर कर दबा रही थी। फिर उसने अचानक से मेरी पैंटी एक झटके उतार फेका और मेरी चूत को चाटने लगा। वो अपना जीभ मेरी चूत के छेद में घुसाता निकालता और एक ऊँगली से चुत की दाने को छेड़ता,, उफ्फ्फ्फ हाय्य्य्य्य मै करने लगी।
काफी दिनों के बाद किसी ने मेरी चूत को छुआ था। 5 मिनट के चुसाई मै काँपते हुए झड़ने लगी। वो मेरी चूत का सारा रस पि गये। फिर वो उठे और अपने कपडे उतार कर फेंक दिए।गौतम बोले जब भी तुम्हे देखता था मेरा लण्ड तुझे देने लगता है। तुमको पटाने के लिए कब से सोच रहा  था लेकिन आप जल्दी ही पट गयी। अब वो सिर्फ अंडरवियर में थे।में बिस्तर से उठ घुटनो के बल बैठ गयी। मैंने जैसे ही उनका अंडरवियर नीचे किया वैसे ही उनका लण्ड हुंकार मारते हुए खड़ा था लगभग 9 इंच लंबा 2 इंच मोटा और थोड़ा टेढ़ा था। मै लपक कर लण्ड को मुह में चूसने लगी किसी लोलिपोप की तरह। मुह में सूपरे रख कर चूस रही थी और एक हाथ से लण्ड पकर  कर गोल गोल घुमा रही थी। वो बड़बड़ाये जा रहे थे चूस चूस और चूस तेरी सहेली कभी नही चूसती । खा जा मेरे लण्ड को।मैं भी मस्ती से इस दमदार लण्ड को चूसे जा रही थी।
फिर उन्होंने ने मेरे सर को पकड़ कर लण्ड को गले तक उतार दिया  और मेरे मुह को चोदने लगे।मै सिर्फ उम्मम उम्मम की आवाज निकल रही थी। थोड़ी में उन्होंने अपना लावा मेरे गले में छोड़ दिया लण्ड को पूरे गले तक उतार कर।जहा तक मुझसे बन पाया में उसे पि गयी और फिर मुझे उबकाई आने लगी तो दौर कर बाथरूम में गयी और फिर वापस  आयी। वो बिस्तर पे बैठे हुए थे। हम दोनों थोड़े से थक गए थे इसलिए उनके पास बैठ गयी। मैंने उनसे पूछा की आप रात को गीता को छोर कर कैसे चले आये। तो उन्होंने जवाब दिया की मैंने उसको नींद की गोली दे कर आया हु।और बेबी रात को करीब 3 बजे हमेशा उठता है। इसलिए कोई टेंशन वाली बात नही है। वो बोले सच में तुम्हारे साथ मजा आ गया। फिर मैंने उनके लण्ड को हाथ लाग्या वो तुरंत फुफकारने लगा।
मैं बोली अब इस लण्ड को चूत में डालो और मुझे चोदो । वो बोले की आप घोड़ी बनो मुझे ऐसे करने में बहुत मजा आता है लेकिन मेरी बीबी करने नहीं देती। में बोली ठीक है और में घोड़ी बन गयी। उन्होंने अपने लण्ड पर थूक लागया और चुत के मुह में लण्ड रखा और लण्ड को अंदर की और धकेला चुत गीली होने कि वजह से लण्ड पूरी पूरी अंदर चली गयी और मेरी चीख निकल गयी।वो मेरी परवाह किये बिना चोदना शुरू कर दिया। मै भी मस्ती में  आकर आआहह अःहः करते हुए चुदवा रही थी। वो भी लगातार बोल रहे रहे थे ले साली मेरा लण्ड खा ।
मै भी बोल रही थी चोदो और जोर से चोदो चोदते रहो मेरी चूत को आज भोसड़ा बना दो। 10 मिनट के चुदाई मै झड़ गयी।उन्होंने अपना लण्ड निकल मुझे आराम से झड़ने दिया। मेरा सर तकिये पर था गांड पीछे तरफ उठी हुई थी। मेरी गांड की छेद खुल और बंद हो रही थी। वो मेरी गांड की छेद की हरकत को देख रहे थे। फिर उन्होंने अपना लण्ड चूत में डाल कर  नितंबो को फैला दिया जिससे मेरी गांड की छेद खुल गयी। उसमे उन्होंने अपना थूक गिरा क्र ऊँगली से अंदर करने लगे। बोले की मुझे आपकी गांड बहुत अच्छी लगती है क्या मुझे आप मारने दोगी।
मै भी तो कब से यही चाह रही थी की ये अब मेरी गांड मारे।मै नखरा करते हुए बोली नही दुखेगा । तो वो बोले बिलकुल नही दुखेगा बड़े आराम से करूँगा । उन्होंने मुझे अपने मोबाइल में एक फिल्म दिखाई जिसमे लड़की गांड मरवाती और जब लड़का लण्ड बाहर निकालता है तो गांड की छेद बड़ा नजर आता है। वो मुझे वीडियो चोदते हुए दिखा रहे थे थे। उन्होंने मेज पर बेबी आयल लिया और  छेद में डाल कर ऊँगली से गांड चोदने लगे। “Chut Mein Baigan Kheera”
जब छेद अच्छे से तैयार हो गयी तो एक झटके में सूपरे गांड में दाल और मेरी चीख निकल गयी ।धीरे धीरे करते पूरा लण्ड डालकर चोदना शुरू कर दिया । मेँ तकिये पे सर रख कर दोनों हाथों से गेंद खोल कर चुदवा रही थी।बिच बिच में लण्ड निकल देते जिससे गांड की छेद खुली खुली की राह जाती। लण्ड निकलने से गेंद में हवा जाती तो अंडर ठंडक महसूस होती और जब लण्ड अंदर डालते तब मेरी पाद निकल जाती।इसी तरह करीब 30 मिनट के चुदाई में 3 बार झड़ी।
अब वो अपनी स्पीड बड़ा दिए जिससे में समझ गयी की अब ये भी इनका भी होने वाला है और फिर वो कहराते हुए मेरी गांड में झड़ गये। हम दोनो वही बिस्तर पर निढाल पड़े रहे। मै उठ कर बाथरूम गयी ।उनका वीर्य मेरी गांड से निकल कर टपक रहा था । हम दोनो एक दूसरे को साफ किये फिर कपडे पहन अपने घर चले गए। ये बोलकर की किसी दिन अचे चुदाई करूँगा अभी मेरा मन भरा नही । मै भी बोल दी मेरा भी। ये मेरी सच्ची कहानी है। “Chut Mein Baigan Kheera”

स्नेहा ने मुझसे चुदवाना सीखा

By With No comments:
हैल्लो फ्रेंड्स.. आप सभी कैसे हो? में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी ठीक ठाक हो और बहुत मजे मस्ती कर रहे हो. दोस्तों तो बात शुरू होती है उस बिल्डिंग से जहाँ पर में रहता हूँ. में उस बिल्डिंग के सातवें फ्लोर पर रहता हूँ और ऊपर के आठवें फ्लोर पर एक लड़की और उसकी दादी जी रहते है और उसके माता पिता नहीं है और इसी साल से उसने कॉलेज जाना शुरू कर दिया है.
उसका नाम स्नेहा है उसकी उम्र कोई 20-21 साल के करीब होगी और वो बहुत सेक्सी दिखती है और उसका फिगर किसी ब्लू फिल्म की हीरोईन से कम नहीं है.. लेकिन रास्ते पर दिखता हर माल अपना नहीं हो सकता और हम एक ही बिल्डिंग में रहते थे. फिर कल को कोई लफड़ा हो तो वो भी सही नहीं होता इसलिए में उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता था.
फिर सारी बातें कुछ दिनों पहले बदल गयी और मुझे किसी काम से छत पर जाना था और मैंने उसे और एक लल्लू जैसे लड़के के साथ एक दूसरे को किस करते हुए देख लिया और में वहाँ से चुपचाप निकल गया.. क्योंकि यह उसकी अपनी लाईफ थी.. लेकिन वो चोंक गयी और वो लड़का भी मुझे देखकर भाग गया. तो मुझे बहुत हंसी आई कि किस बेवकूफ़, डरपोक को मज़े दे रही थी. फिर 5 मिनट बाद वो मेरे फ्लेट पर आई और उसने डोर बेल बजाई.. तो मैंने उसे अंदर आने दिया.
वो मुझसे बोली कि प्लीज किसी को बताना मत. तो मैंने कहा कि ठीक है.. तुम्हे जो करना हो वो करो.. लेकिन तुम किस बेवकूफ़ के साथ मज़े ले रही हो.. वो तुम्हारी मर्ज़ी.. मुझे उससे क्या मतलब तुम जानो तुम्हारा काम जाने.
स्नेहा : वो कोई बेवकूफ़ नहीं टॉपर है.
में : तो क्या वो इसलिए भाग गया?
और में हंस पड़ा.. लेकिन उस टाईम वो खामोश होकर चली गयी. दोस्तों एक बात तो तय थी कि वो बहुत खुले स्वभाव की थी और फिर दो दिन बाद मैंने देखा कि वो किसी और बच्चे के साथ किस्सिंग कर रही थी और में उससे बहुत दूर था.. लेकिन हम दोनों ने एक दूसरे को देख लिया और फिर से मेरी हंसी रुक नहीं पाई. तो वो तुरंत ही मेरे फ्लेट पर आई और बोली कि तुम्हे मुझे देखकर हंसी क्यों आने लगती है?
में : ठीक है में अब तुम्हारा कभी भी मजाक नहीं उड़ाउगा.. लेकिन तुम चाहती क्या हो?
स्नेहा : मतलब क्या है तुम्हारा?
में : तुम दो दिन पहले किसी के साथ थी और आज किसी और बच्चे को ले आई हो तो तुम क्या चाहती हो? दो मिनट तो वो कुछ नहीं बोली और फिर उसने कहा.
स्नेहा : में किसी के साथ सेक्स करना चाहती हूँ.. लेकिन डरती हूँ कि कोई मेरी बेइज़्ज़ती ना कर दे?
में : लेकिन कोई ऐसा क्यों करेगा?
स्नेहा : मैंने 6 महीने पहले एक लड़के को सिर्फ़ गाल पर किस करने दिया था.. तो उसने मेरी पूरे स्कूल में खिंचाई करवाई थी.
में : ओह.. तो इसलिए तुम ऐसे डरपोक बच्चो के साथ ट्राई करती हो?
स्नेहा : तो तुम ही बताओ में क्या करूं?
में : क्या स्नेहा.. तुम्हारे सामने में नहीं खड़ा हूँ?
स्नेहा : अच्छा तो तुम मुझे पर चान्स मार रहे हो?
में : तो क्या तुम अभी ऊपर चान्स खराब नहीं कर रही थी? और वैसे भी में बहुत अनुभवी हूँ.
स्नेहा : लेकिन में नहीं.. किसिंग तक तो ठीक है.. लेकिन बाकी काम में मुझे बहुत डर लगता है.
में : तब तो तुम ऐसे ही बच्चो के साथ खेलो.. असली खेल नहीं होगा तुमसे.
तो वो फिर से नाराज़ होकर चली गयी.. दोस्तों यह लडकियाँ भी सीधे मुहं पर बात कह दो तो इन्हें बहुत जल्दी बुरा लग जाता है. फिर इस बात को 4 दिन के आस-पास हो चुके थे और फिर एक रात को दो बजे किसी ने डोर बेल बजाई.. तो मैंने सोचा कि अभी इतनी रात को कौन होगा? और मैंने देखा तो स्नेहा दरवाजे पर खड़ी थी.
में : ओह.. अब क्या हुआ?
स्नेहा : मुझे आज अभी इसी वक्त पूरा खेल खेलना ही है.. क्योंकि आज दादी बाहर है.
में : क्या कौन सा खेल?
तो इतना कहते ही वो बच्चो की तरह मुझसे लिपट गयी और किस करने लगी. मुझे तो लाटरी लग गई और वो भी अचानक से.. फिर मैंने उसे अंदर लिया और पूछा कि क्या तुम्हे अपनी आप पर पूरा यकीन है? और क्या तुम खेल सकती हो?
स्नेहा : हाँ मैंने बहुत वीडियो देखे है और अब मुझसे नहीं रहा जाता.. प्लीज.
तो मैंने भी देर नहीं की और स्मूच शुरू कर दिया और मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और कपड़े भी उतारने लगा.. में तो पहले से ही बरमूडे में था जिसे मैंने तुरंत उतार दिया. वो बहुत सेक्सी थी और उसकी स्किन एकदम दूध की तरह थी, पतली कमर और नये नये उठे हुए उसके बूब्स क्या लग रहे थे और फिर में उसे सीधे बेडरूम में ले गया और उसने तो मेरा 7 इंच का लंड देखते ही हाथ में पकड़ लिया और स्मूच के दौरान ही हाथ से सक करने लगी.
में : डार्लिंग.. हाथों से नहीं अपने होठों से चूसो.
तो उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और अब मेरा लंड तनकर पूरा 8 इंच का हो गया था और में भी जोश में था. स्नेहा जिस तरह से मेरा लंड चूस रही थी उसे देखकर लगा कि उसने बहुत सारी ब्लूफिल्म देखी है और में अपनी पूरी ताकत से अपना लंड उसके मुहं में डालने की कोशिश कर रहा था और उसकी आँखो में से पानी आ गया.. लेकिन वो मेरा लंड गले तक ले जाकर चूसने लगी. फिर मैंने उसको मेरे ऊपर लेटा दिया और मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत कम बाल थे और बहुत गुलाबी सी थी.. बहुत सेक्सी, बड़ी और बहुत कामुक.. उसकी चूत पूरी रस में भीगी हुई थी और जब ऊँगली डाली तो मुझे लगा कि वो बहुत ज़्यादा टाईट थी.
में तो उसकी चूत को चाटने लगा.. अब तो उसमे से और भी ज्यादा पानी आने लगा.. यानी वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी. तो मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया वो बहुत बड़े नहीं थे.. लेकिन में उसे अब बड़ा कर ही देने वाला था और में तो उसके बूब्स को मसलने लगा. फिर उसकी निप्पल बहुत तन गयी थी और टाईट हो गयी थी और में बार-बार उसे काट रहा था और उसके बूब्स को मुहं से मसल रहा था. उसकी कमर कम साइज़ की थी.. एकदम पतली और नाज़ुक.. उसकी पीठ भी मलाई की तरह सफेद और चिकनी थी.. में तो उसे काटने ही लगा. फिर वो बोली कि अनुज काटो मत कोई देखा लेगा. तो मैंने कहा कि अब क्या डरना? जब आज तेरी सुहागरात मेरे ही साथ होने वाली है और आज तुझे पता चलेगा कि लंड किसे कहते है मेरी रांड.
स्नेहा : हाँ बस मुझे चोद.. मेरी चूत फाड़ो.. अब मुझसे रहा नहीं जाता.
मैंने बेड के साईड की टेबल पर देखा कि कंडोम रखे थे.. लेकिन मैंने उसकी परवाह नहीं की और मैंने उसे सीधे लेटा दिया और उसके पैर ऊँचे करके लंड उसकी चूत में घुसा दिया. तो वो बहुत जोर से चीख पड़ी और कहने लगी कि अह्ह्ह ओह नहीं.. इसे निकालो. तो मैंने उसके मुहं पर हाथ रख दिया और उसकी चूत से थोड़ा खून भी बाहर निकल गया.. लेकिन मैंने उसकी चूत में से लंड बाहर नहीं निकाला और कुछ टाईम के लिए हिले बिना उसके ऊपर ही रहा. वो रोने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी.
में : चुपकर सेक्सी फिल्म में देखना अलग है और जब सच का लंड घुसता है तो चूत को तो फटना ही है.
स्नेहा : नहीं तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है में नहीं ले सकती प्लीज इस बाहर निकालो.
में : अब यह नाटक बस कर बहुत हो गया.
फिर मैंने पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और 5 मिनट तक उसको रोने दिया.. उसके बाद मैंने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए पहले वो बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी.. लेकिन धीरे धीरे मेरे धक्को का साथ भी देने लगी और आगे पीछे होने लगी.
स्नेहा : हाँ मुझे और चोद आहह मुझे और चोदो.
तो मैंने भी पूरी ताकत से उसे चोदना शुरू कर दिया.. वो चीखती रही और मज़े भी लेती रही और में तो पागल ही हो गया था. बहुत टाईम के बाद एसी कच्ची कली मिली थी और में तो कोई कसर नहीं रखना चाहता था. बहुत टाईम तक चोदने के बाद वो झड़ गयी.. लेकिन मुझे अभी नहीं झड़ना था. तो मैंने कुछ टाईम के लिए धक्के रोक लिए और अब लंड चूत से बाहर निकाल कर उसकी गांड के नीचे तकिया रख दिया और फिर वो कुछ बोले उसके पहले ही मैंने मेरा तना हुआ लंड उसकी गांड में डाल दिया और उसका रोना फिर से शुरू हो गया.. लेकिन मैंने तो यूँ ही धक्के पूरे जोर से लगाने शुरू रखे और कुछ मिनट बाद उसे भी अच्छा लगाने लगा.
बहुत देर तक की चुदाई के बाद में झड़ने वाला था. तो उसने कहा कि प्लीज अब बस करो और पूरा माल मेरे मुहं में डाल दो मुझे टेस्ट करना है. मुझे इससे ज़्यादा क्या चाहिए था और फिर मैंने तो लंड सीधा उसके मुहं में घुसा दिया और धीरे धीरे धक्के देने लगा. एक मिनट के बाद मेरा पूरा माल सीधा उसके मुहं में और उसके बाद वो बहुत थक गयी थी तो मैंने कहा कि तुमने आज मुझे ज़न्नत की सैर कराई है मेरी जान.
स्नेहा : सच में मैंने भी आज ऐसा ही महसूस किया.. आज जैसी ख़ुशी मुझे पहले कभी नहीं मिली. यह ब्लू फिल्म देखने से लाख गुना बहतर है और अब में तुमहरे लंड की गुलाम बन गयी हूँ.

Thursday, 20 February 2020

18 साल की हुई उसी दिन पापा ने सील तोड़ी मेरी चूत की

By With 1 comment:
Bap Beti Sex : दोस्तों मेरा नाम कोमल है कल ही मैं अठारह साल की हुई है और रात में मेरी चुत फट गई कैसे हुई मेरी पहली चुदाई वो आज आपको बताने जा रही हूँ
मैं दिल्ली में रहती हूँ। मैं अपने पापा और मम्मी के साथ रहती हूँ। मम्मी मेरी जॉब करती है एक सॉफ्टवेयर कंपनी में और पापा घर से ही काम करते हैं। मेरी मम्मी अभी दुबई गई हुई है कंपनी के काम से और मैं और पापा घर पर थे।
ये मेरे दूसरे पापा हैं क्यों की मम्मी ने दूसरी शादी की है। मम्मी कि उम्र मात्र छतीस साल है और मेरे पापा जिनके साथ मैं रहती हूँ वो चालिस साल के हैं।
मेरे पहले वाले पापा अब दूसरी शादी कर लिए हैं। पर नए पापा बहुत अच्छे हैं। आखिर कल ऐसा क्या हुआ था की पापा मुझे चोद दिए और सच पूछिए तो मैं भी मना नहीं की। हुआ यू की कल ही मेरा बर्थडे था। कल सुबह ही एक गड़बड़ हो गई थी। मेरे बॉय फ्रेंड का फ़ोन आया था और पापा को पता चल गया था की मेरा कोई बॉयफ्रेंड है.
पापा बोले बेटी आजकल ज़माना ख़राब है तुमको पटा कर सिर्फ तुमसे गलत काम करेगा। और तुम्हारी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी। तुम क्या चाहती हो अपने मम्मी को दुखी करना चाहती तो तो कोई बात नहीं और अगर एक अच्छी लड़की बननी चाहती हो तो ये सब चीज से दूर रहो।
तुम्हे जो भी चीज की कमी है वो तुम या तो अपनी मम्मी से कहो या मेरे से कहो हम दोनों हैं तुम्हारी हेल्प करने के लिए। तो मैं बोली पापा आप ये बताओ मेरी तीनो फ्रेंड को बॉय फ्रेंड है और उसमे से दो लड़की तो सेक्स भी कर चुकी है।
तो पापा बोले देख बेटी बहुत रिस्क है इन सब चीजों में। और रही बात सेक्स की तो ये सब बकवास है। एक दिन का खेल है। तो मैं बोली मैं एक दिन का खेल खेलना चाहती हूँ क्या आप मुझे खेल खेलायेंगे। आज मैं अठारह साल की हो रही हूँ। आप चाहे तो आज ही खेल लेते हैं मम्मी भी नहीं है यहाँ पर।
तो वो बोले पर ये बात मेरे और तुम्हारे बिच रहने चाहिए। तुम्हे मैं बहुत खुश करूंगा। मैं बोली पता नहीं मुझे कभी किसी से ये बात शेयर नहीं करने चाहिए। और मैं आपसे प्रॉमिस करती हूँ मैं ये बात किसी को नहीं बताउंगी।
और पापा बोले आई लव यू और मुझे गले से लगा लिए शाम के चार बज रहे थे। उन्होंने कहा आज मैं चाहता हूँ तुम्हारा बर्थडे घर पर बड़े ही धूम धाम से मनाऊं। मैं बहुत खुश हुई बोली ये तो बहुत अच्छी बात है।
और फिर हम दोनों मॉल गए वही पर केक खरीदे। पापा मेरे लिए कई सारे कपडे और गिफ्ट ख़रीदे। उन्होंने के रेड कलर की ब्रा और स्टाइलिस्ट पेंटी जो की बहुत से सेक्सी थी वो भी लिए मेरे लिए।
घर पहुंचकर केक काटी क्यों की मम्मी को भी फ़ोन पर लाइव दिखाना था। फिर पापा न दुसरा केक निकाला और मुझे बोले अब तुम इससे भी काटो आज समझना तुम्हारी जवानी भी कटेगी। तो तुम नए ब्रा और पेंटी में आ जाओ बाल खुले रहो।
वैसा ही की मैं ब्रा और पेंटी पहनी जो की बहुत ही ज्यादा सेक्सी थी। बाल खुले रखे मेरे गोर बदन और भरा पूरा शरीर पर लाल लाल ब्रा और पेंटी वो भी सेक्सी सा बहुत खूब लग रहा था।
दोस्तों केक काटते ही वो मुझे केक खिलाये मैं भी उनको खिलाई। उन्होंने मेरे होठ पर केक लगा दिए और गालों पर भी उसके बाद वो मेरे होठ को चाटने लगे गाल को भी चाटने लगे.
मुझे पहली बार ऐसा हॉट सा एहसास हो। मैं भी पापा को चूमने लगी वो मुझे उठाकर बैडरूम में ले गए। उन्होंने मेरे होठ को चूसना शुरू कर दिए
दोस्तों मैं पागल हो रही थी मेरी चूत गीली हो रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे पापा नंगा हो गए और धीरे धीरे मेरे दोनों कपडे उतार दिए। अब वो मेरी चूत चाटने लगे बार बार मेरी चूत से पानी निकलता और उसे वो साफ़ कर देते।
दोस्तों मेरी चूचियां बड़ी बड़ी और निप्पल टाइट हो गया था। वो बार बार मेरी बूब्स को दबा रहे थे और निप्पल अपने दांतो से दबा देते। मैं आह आह करने लगी वो भी लम्बी लम्बी सांसे लेने लगे। मैं मदहोश होने लगी थी।
दोस्तों क्या बताऊँ आपको उन्होने अपनी ऊँगली जैसे ही मेरी छूट में डालने लगे मुहे काफी दर्द होने लगा वो अपना जांघिया उतार दिए। उनका लौड़ा बहुत मोटा और लंबा था मैं डर गई। सोची जब इतनी पतली ऊँगली से दर्द हो रहा था अगर मोटा लौड़ा चुत में गया तो क्या हाल होगा.
उन्होने लौड़ा चुत पर लगाया और घुसाने लगे पर वही दर्द काफी हो रहा था। वो धीरे धीरे घुसाने लगे. दर्द से कराह रही थी। पर चुदने का भी था। लग रहा था लौड़ा किसी तरह से अंदर ले लूँ। मेरे होठ बार बार सुख रहे थे।
दोस्तों मेरी छूट काफी गीली हो गई थी और पानी में चिकनाई थी उनका लौड़ा बार बार फिसल जा रहा था। पर उन्होंने मेरे दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और जोर से पेल दिया चुत में।
मैं दर्द से हाय माँ कर गई चुत फट गई थी। दर्द हो रहा था छूट से खून निकल रहा था। पर वो अब धीरे धीरे करके घुसा ही दिए और फिर अंदर बाहर करने लगे और मेरी चूचियों को दबाने लगे पिने लगे.
मैं भी कामुक हो चुकी थी मैं धीरे धीरे गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी अब दर्द भी खत्म हो गया था। अब मजे लेने शुरू हो गए थे। वो जोर जोर से चोद रहे थे और मैं मजे ले ले के चुदवा रही थी।
दोस्तों उन्होंने मुझे पूरी रात चोदा करीब आठ बार। वो कह रहे थे गजब की माल हो तुम। अब से तुम मेरी रखैल हो जब भी मम्मी बाहर जाएगी या ऑफिस जाएगी मैं तुम्हे खुश करते रहूंगा.
दोस्तों ये कहानी कल की है। मैं भी आपको कहानियां पढ़ती हूँ इसलिए आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिख रही हूँ।
मैं जल्द ही आपको दूसरी कहानी सुनाऊँगी। तब तक के लिए धन्यवाद.,

बहन चुद गई सेक्स गेम खेलकर

By With No comments:
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अमित है और मेरी बहन का नाम पूनम है और हमारी फेमिली में मेरी माँ और मेरी बहन है। मेरे पापा की कुछ समय पहले एक बीमारी की वजह से म्रत्यु हो गयी थी। मेरी उम्र 21 साल है और में एक कॉलेज में पड़ता हूँ.. मेरी बहन की उम्र 25 साल है और वो एक प्राईमरी स्कूल में पड़ती है। मेरी बहन पूनम बहुत ही सेक्सी है। उसका फिगर 34-32-37 है.. रंग गोरा नहीं है.. लेकिन काली भी नहीं है.. वो थोड़ा साफ कलर की लड़की है जिसको देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता होगा.. उसके बाल बहुत काले है और लंबे भी है।
दोस्तों में अब स्टोरी पर आता हूँ.. पूनम का स्कूल एक बजे ख़त्म हो जाता है। एक दिन में उसके स्कूल के पास से गुजर रहा था तो मैंने देखा कि वो किसी लड़के के साथ खड़ी थी और कुछ बातें कर रही थी। तभी थोड़ी ही देर में एक मेडम आई और पूनम को साथ लेकर चली गयी और मैंने देखा कि वो लड़का और एक दूसरा आदमी उसके पीछे चले गये.. वो दोनों लड़के शायद उसके स्कूल के टीचर थे। फिर रास्ते में उन्होंने अपनी बाईक रोकी और एक पान की दुकान पर खड़े हो गये और एक दूसरे से बातें करने लगे। में भी उसके पास में रुक गया और उनकी बातें सुनने लगा.. वो आपस में बातें कर रहे थे कि यार अश्विन तूने तो पूनम मेडम को चोदा है ना?
अश्विन : हाँ विजय कई बार चोदा है.. पूनम बड़े मज़े करती है.. लेकिन तू क्यों पूछ रहा है? क्यों तूने भी तो रेखा मेडम को चोदा है ना?
विजय : हाँ यार.. लेकिन वो तो बड़ी औरत है। उसमे मज़े नहीं है वो 36 साल की है और पूनम मेडम तो शायद 24-25 साल की होगी।
अश्विन : हाँ यार पूनम की तो बात ही कुछ और है उसके बूब्स बड़े ही मस्त है और उसकी गांड तो जैसे कयामत है यार।
विजय : और उसकी चूत?
अश्विन : अरे यार तुझे चोदना है क्या पूनम को? साफ साफ क्यों नहीं रहा है?
विजय : तू कुछ करवा सकता है क्या? तो प्लीज़ तू रेखा को चोद सकता है।
अश्विन : चल पहले रेखा मेडम के घर देखते है कि कुछ होता है कि नहीं?
फिर वो दोनों लोग रेखा मेडम के घर पर चले गये और मैंने देखा कि मेरी बहन पूनम की स्कूटी वहां पर खड़ी थी और वो लोग अंदर चले गये.. में बाहर से देखना चाहता था कि अंदर क्या होता है? तो मैंने एक खिड़की से अंदर देखा कि क्या हो रहा है? और जैसे ही वो लोग अंदर गये।
रेखा मेडम : आइए अश्विन.. सर आप तो पहली बार हमारे घर पर आए है ना।
अश्विन : पूनम मुझे लेकर ही नहीं आती और मैंने तो उसे कई बार बोला है।
पूनम वहां पर एक तरफ खड़ी थी और दोनों के लिए पानी लेकर आई और उन्हें पानी दिया और बाद में हॉल में सब लोग बैठ गये और बातें करने लगे। तभी अश्विन बोला कि चलो कुछ करते है। बातें करते करते तो बोर हो गये है। तो पूनम यह बात सुनकर हल्की सी मुस्कुरा उठी तो रेखा मेडम ने उससे बोला कि पूनम क्या तुझे भी जल्दी है अश्विन की तरह? तो पूनम शरमा गयी और कुछ नहीं बोली सिर्फ़ एक स्माईल दे दी।
अश्विन : मुझे जल्दी नहीं है.. रेखा मेडम में तो कुछ और ही कहना चाहता था कि कुछ टीवी और खेल खेलते है.. वैसे रेखा मेडम आपका बाथरूम कहाँ पर है?
रेखा मेडम : चलो में दिखाती हूँ और यह कहकर वो और अश्विन सर अंदर चले गये और पूनम और विजय बाहर बैठे थे और इधर उधर की बातें कर रहे थे।
विजय : पूनम मेडम आप तो बहुत ही सुंदर हो अश्विन का तो नसीब ही खुल गया है जो आप जैसे।
पूनम : आप जैसे क्या?
विजय : मेरा मतलब है कि आप जैसे सेक्सी लड़की के साथ उसकी तो ऐश है।
पूनम : में इतनी सुंदर हूँ क्या?
विजय : मैंने आपसे अच्छी किसी लड़की को नहीं देखा.. क्या सेक्सी फिगर है आपका ?
इतने में ही रेखा मेडम और अश्विन सर बाहर आते है और वो लोग बातें करना बंद कर देते है और अश्विन सर आते ही कहते है कि मैंने कल रात को एक इंग्लीश फिल्म देखी थी। उसमे आपस में एक बहुत ही मस्त खेल खेलते है।
रेखा मेडम : तो फिर क्यों ना हम भी खेलें? क्यों पूनम क्या ख्याल है तेरा?
पूनम : हाँ हाँ क्यों नहीं.. पहले बताओ तो सही क्या खेल है? और रूल्स क्या है?
अश्विन : में रूल्स और खेल खेलने के बाद ही बताऊंगा बोलो क्या तुम्हे मंजूर है? तो सब खेलो वरना कोई बात नहीं। फिर सब कहते है कि ठीक है खेलते है और फिर अश्विन रेखा मेडम को कार्ड लाने को कहता है। सब सोफे पर बैठे थे है और खेल शुरू करते है और 30 मिनट खेलने के बाद स्कोर होता है। रेखा मेडम 5 बार जीती और पूनम 4 बार हारी.. विजय 3 बार हरा और अश्विन सर 2 बार जीते। अब अश्विन सब को बताता है कि रूल्स क्या है उस फिल्म में जिसका सबसे ज्यादा स्कोर होता है वो किसी को भी पूरी रात अपने कमरे में ले जा सकता है और हम यहाँ पर 6 बजे तक का टाईम फिक्स करेंगे क्यों ठीक है?
रेखा मेडम : यानी किसी भी पार्ट्नर के साथ मजा और कोई भी पार्ट्नर.. यही ना।
अश्विन : हाँ ठीक है.. लेकिन बड़े स्कोर वाला पहले चुन कर सकता है।
फिर सब एक दूसरे के सामने देख रहे थे। तभी रेखा मेडम ने सबसे पूछा कि क्यों किसी को कोई समस्या नहीं है ना? अगर है तो वो बता दे हम यह खेल बंद कर सकते है। तभी विजय बोला कि कोई समस्या नहीं है.. पूनम ने भी धीरे से अपना सर हाँ में झुका दिया।
रेखा मेडम : आप सब तो जानते ही है कि मैंने और विजय सर ने तो कई बार मजा किया है तो में विजय सर का तो नहीं चुनाव करूँगी। पूनम के साथ में एंजाय कर नहीं सकती.. पूनम मुझे माफ़ करना.. लेकिन मुझे अश्विन को ही चुनना करना पड़ेगा.. तुम्हे कोई विरोध तो नहीं है ना?
पूनम : सब की मर्ज़ी है तो में कोई विरोध नहीं करूँगी।
फिर इतना कहकर रेखा मेडम अश्विन सर का हाथ पकड़कर कमरे में चलने लगी और पूनम को बोली कि अपना ख्याल रखना और तुम अपने कमरे में चले जाना.. वहां है तुम्हारा कमरा और वो लोग कमरे में चले गये। मेरी बहन और विजय सर बाहर ही थे.. तो विजय सर ने पूनम को बोला कि क्यों चलना है कमरे में या फिर यहीं पर बैठते है? तो पूनम थोड़ी देर बाद बोली कि जैसी आपकी मर्ज़ी.. आप कमरे में जाइए में अभी आती हूँ।
फिर विजय सर कमरे में चले गये और पूनम किचन से पानी की बोतल लेकर अंदर कमरे में गयी। तो मैंने भी अब अपनी खिड़की बदल दी थी और दूसरी खिड़की से अंदर की तरफ देख रहा था। पूनम ने काली कलर की स्कर्ट और काले कलर का टॉप पहना हुआ था.. फिर वो कमरे में अंदर आ गयी। तो विजय सर ने बोला कि पूनम ज़रा दरवाजा बंद कर देना। तो उसने दरवाजा बंद कर दिया और दरवाजे के पास ही खड़ी रह गयी।
विजय : शरमाओ मत आ जाओ पूनम.. में तुम्हे बहुत मज़े दूंगा जो अश्विन नहीं देता होगा।
पूनम : में आपको इतनी अच्छी लगती हूँ क्या? तो यह सुनकर विजय बेड से खड़ा हुआ और पूनम के पास जाकर उसको अपनी बाहों में उठा लिया।
पूनम : छोड़िए ना क्या करते हो? क्या में कहीं भागी नहीं जा रही हूँ.. मुझे नीचे उतारिए ना।
विजय पूनम को बेड के ऊपर उतार देता है और उसके हाथ पकड़ कर चूमता है और बोलता है.. पूनम मेरी रानी आज मुझे करने दो.. दिल खोलकर अपने हुस्न के जलवे दिखा दो मुझे.. तुम खुश तो हो ना मेरे साथ.. तुम्हे कोई समस्या हो तो में चला जाता हूँ।
पूनम : नहीं नहीं मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है जानू और में तो बहुत खुश हूँ कि मुझे आज एक नया आनंद मिलने वाला है।
विजय : वाह मेरी रानी आजा अपने यार की बाहों में आ जा।
फिर यह कहकर विजय सर ने पूनम को अपनी बाहों में भर लिया और उसको चूमने लगे.. पूनम भी विजय सर को सहलाने लगी थी और वो दोनों एक दूसरे को लिप किस करने लगे.. पूनम बोल रही थी कि आअहह विजय क्या चूमते हो तुम.. बहुत मज़ा आ रहा है और चूमो मुझे आआहह मेरे राजा आहह क्या बाहें है तुम्हारी में तो पूरी की पूरी समा गयी इसमे अह्ह्ह। तो विजय बोल रहा था.. पूनम क्या रसीले होंठ है तुम्हारे जी करता है खा जाऊँ इनको.. क्या गुलाबी होंठ है रानी तुम तो सच में सेक्स की टीचर हो.. मुझे बाकी के अंगो का भी तो दर्शन करवाओ ना मेरी जान।
पूनम : थोड़ा सब्र करो मेरे राजा.. सब कुछ दिखा दूँगी यह बदन अब तुम्हारा ही है.. लेकिन पहले यह बताओ तुम्हे रंग कौन सा पसंद है मेरे राजा?
विजय : क्यों रंग का क्या करना है? वैसे मुझे काला कलर पसंद है क्यों?
पूनम : नहीं ऐसे ही अश्विन को लाल पसंद है तो में उसके लिए.. लेकिन तुम्हारी पसंद का इंतजाम हो जाएगा मेरे राजा। अब तुम मुझे चोदो और तुम भी कपड़े चेंज कर लो में अभी आती हूँ।
तो यह कहकर पूनम बाहर चली गयी और बेग लेकर वापस आ गयी और बाथरूम में चली गयी। फिर थोड़ी देर बाद जब वो वापस आई तो पूछो ही मत.. मेरा लंड भी खड़ा हो गया। क्या कयामत लग रही थी? वो खुले बाल, एक छोटी सी पारदर्शी मेक्सी उसके घुटनों के ऊपर तक.. क्या पैर थे उसके? जाँघ भी साफ साफ दिख रही थी.. एकदम चिकनी कसी हुई थी। विजय सिर्फ़ अंडरवियर में था और उसका लंड साफ दिख रहा था।
पूनम बेड के पास खड़ी हो गयी तो विजय ने उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसके होंठ पर अपने होंठ पर रख दिए और चूमने लगा और साथ ही साथ उसने पूनम के बूब्स को भी दबाना शुरू कर दिया था। तो पूनम भी उसके ऊपर अपना बदन रगड़ रही थी और फिर विजय ने पूनम के पैरों के पास जाकर उसको चूमना शुरू कर दिया और मेक्सी को ऊपर उठाता गया। फिर विजय ने अब पूनम की मेक्सी को निकाल दिया.. तो पूनम अब सिर्फ़ ब्रा, पेंटी में थी और वो काले कलर की पेंटी क्या सेक्सी लग रही थी।
विजय : पूनम मेरी रानी मेरे लिए तूने अपनी यह ब्रा और पेंटी बदल दी ना? मज़ा आ गया क्या लग रही हो जानेमन?
पूनम : तुम भी तो मुझे अपना दिखाओ ना विजय और फिर यह कहकर पूनम ने विजय की अंडरवियर पर हाथ रख दिया और ऊपर से ही सहलाने लगी और लंड को बाहर निकाल दिया।
विजय : पूनम कैसा है? क्यों अश्विन से बड़ा है या नहीं?
पूनम : हाँ थोड़ा बड़ा होगा.. लेकिन प्यारा भी है और यह कहकर उसने उसे अपने हाथों में भर लिया और सहलाने लगी। तो विजय बोला कि अरे अपने इन गुलाबी होंठो से उसे थोड़ा प्यार तो करो.. यह कहकर उसने अपना लंड पूनम के मुहं के पास रख दिया और उससे कहा कि पूनम लंड चूसो मेरी रानी.. यह लंड आज तुम्हारा ही है।
पूनम : बस आज ही मेरा है दोबारा इसको नहीं दोगे मुझे.. यह कहकर उसने उसे अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी।
फिर मेरी बहन एक रांड की तरह बड़े अच्छे से लंड को चूस रही थी और अपने गले तक लंड को भर लेती थी। विजय ने अब पूनम की ब्रा को खोल दिया और उसके बड़े-बड़े बूब्स आज़ाद हो गये.. विजय उसे दबाने लगा और लंड पूनम को चुसवा रहा था और बोल रहा था कि क्या लंड चूसती है तू और ज़ोर से चूस रंडी.. क्यों अब तक कितने लंड चूस चुकी हो पूनम रानी?
पूनम : तुझे उससे क्या है कि कितने लंड चूस चुकी हूँ में? हाँ तुझे बता दूँ कि तेरा लंड चूसकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा है राजा।
फिर विजय ने अब पूनम को बेड पर लेटा दिया और उसके एक बूब्स को चाट रहा था और एक को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और बोल रहा था कि पूनम आज से तू मेरी रंडी है में जैसे चाहूँ तुझे चोद सकता हूँ और तेरे बूब्स को दबा सकता हूँ समझी मेरी रंडी। तो पूनम बोली कि हाँ रे मेरे भडवे में तेरी रंडी हूँ और ज़ोर से दबा भोसड़ी के। फिर विजय ने पूनम की पेंटी उतार फेंकी और उसकी चूत को देखकर पागल हो गया। क्या चूत है पूनम तेरी? मैंने ऐसी चूत कभी नहीं देखी है एकदम चिकनी है रूई की तरह.. मेरा तो जी करता है खा जाऊँ इसको और उसकी चूत को चाटने लगा।
पूनम : खा जाना तेरी ही है यह चूत मेरे राजा खा जा या फिर फाड़ दे इस चूत को आज और थोड़ी देर तक चूत चूसने के बाद विजय अब खड़ा हो गया और बोला कि मेरी पूनम रानी तैयार हो ना अपनी चूत में मेरा लंड लेने के लिए और लंड का सुपाड़ा पूनम की चूत पर रगड़ने लगा तो पूनम बोली कि मेरे राजा अब डाल दे लंड को मेरी चूत में.. आज इसकी आग बुझा दे। आज एक नया लंड लेने के लिए मेरी चूत बहुत बेकरार हो रही है डाल दे जल्दी मेरे राजा।
यह बात सुनते ही विजय ने एक झटका मारा और आधा लंड पूनम की चूत में डाल दिया और पूनम ने भी नीचे से अपनी गांड को उठाकर लंड का स्वागत किया। फिर एक झटके के साथ पूरा का पूरा लंड पूनम की चूत की गहराईयों में समा गया और विजय उसे चोदने लगा।
पूनम भी बड़ी मस्ती के साथ उसके हर एक धक्को का साथ देती हुई उससे चुदवा रही थी और बोल रही थी आआअहह ऊईईईईई माँ क्या लंड है तुम्हारा? विजय चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो ना विजय.. आह्ह्ह्ह्ह्ह् मेरी चूत धन्य हो गयी तुम्हारे लंड से चुदवाकर.. फाड़ दो अपनी पूनम की चूत को विजय आहह मज़ा आ गया। बड़ा मस्त चोदते हो तुम.. सच में मुझे मज़ा आ गया। फिर विजय भी पूनम को ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते हुए उसके बूब्स को दबाते हुए बोल रहा था.. हाँ पूनम अब तक तू कहाँ थी मेरी रानी पहले क्यों नहीं चुदवाया तूने मुझसे। में तो कब से तुम्हे चोदना चाहता था.. जब भी में स्कूल में तुम्हारी गांड को मटकता हुआ देखता था तो जी करता था कि अभी तुम्हारी गांड मार दूँ। मेरी जान क्या चूत है तुम्हारी और क्या बूब्स है आज मज़ा ही आ गया रानी तुझे चोदने में और अब तू तैयार हो जा.. में तेरी गांड में भी लंड डालना चाहता हूँ.. मेरा लंड भी तो देखे कि तेरी गांड में कितना दम है।
पूनम : हाँ में गांड भी मरवा लूँगी पहले अच्छे से चोद तो सही और यह गांड भी तुम्हारी है और यह चूत भी तुम्हारी है और हाँ अब तू मुझे जब चाहे चोद सकता है मेरे राजा.. तू जब भी चोदना चाहे में यह चूत लेकर आ जाउंगी तेरा लंड लेने के लिए और चोद ज़ोर से और ज़ोर से चोद मेरे राजा।
विजय ने अब अपना लंड पूनम की चूत में से निकाल लिया और बोला कि चल खड़ी हो जा में तुझे कुतिया की तरह चोदना चाहता हूँ.. तो पूनम भी जल्दी से कुतिया की तरह अपने दोनों पैरों पर खड़ी हो गयी और बोली कि चल आ जा मेरे राजा में तैयार हूँ लंड लेने के लिए। तो विजय ने अपना लंड पूनम की चूत में डाल दिया और उसको पीछे से पकड़कर चोदने लगा और उसके बूब्स भी दबा रहा था और गांड भी सहला रहा था।
पूनम अपनी गांड पीछे धकेलती हुई लंड अपनी चूत में डलवा रही थी और आआऊऊऊईईईई माँ और चोद और ज़ोर ज़ोर से चोद.. अपनी पूनम की चूत फाड़ दे आज मेरे राजा.. मार और ज़ोर से धक्के मार.. तेरा लंड मेरी चूत के अंदर तक ठोकर मार रहा है। विजय अब थक गया था तो उसने पूनम की चूत में से लंड निकाल दिया और बेड पर लेट गया और पूनम को बोला कि आ जा मेरे ऊपर और ऐसे चुदवा अपनी इस रसीली चूत को।
तो पूनम ने अपने दोनों पैर फैलाए और विजय सर का लंड अपने हाथ में लेकर उसको अपनी चूत पर रखकर अपनी चूत में डाल लिया और ऊपर बैठकर उचकने लगी और विजय नीचे से उसके बूब्स को पकड़कर दबाता हुआ नीचे से लंड को पूनम की चूत में डालने लगा और वो दोनों बड़ी मस्ती से चुदाई का खेल खेल रहे थे।
तभी थोड़ी देर में पूनम की सांसे तेज होने लगी और वो बोल रही थी हाँ और ज़ोर से चोदो विजय और ज़ोर से चोदो में अब झड़ने वाली हूँ.. अहह और ज़ोर से आअहह माँ में गईईईईईइ में झड़ गई विजय.. फिर पूनम की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया.. लेकिन विजय अब भी धक्के लगाता जा रहा था और थोड़ी देर में विजय भी तेज़ी से चोदने लगा और बोल रहा था कि पूनम मेरी रानी कहाँ लेगी मेरा पानी.. बोल ना जल्दी मेरी रंडी.. कहाँ लेगी बोल।
पूनम : मेरी चूत में ही निकाल दो.. में पहली चुदाई में पानी चूत में ही लेती हूँ.. भर दो मेरी चूत को अपने पानी से और थोड़ी ही देर में विजय के लंड से वीर्य का फव्वारा निकला और पूनम की चूत में भर गया और दोनों एक दूसरे के ऊपर थोड़ी देर पड़े रहे। तभी थोड़ी देर बाद पूनम उठी और बाथरूम में चली गयी और वापस नंगी ही बाहर चली आई। फिर विजय ने अपनी बाहें फैलाई और वो उसके पास में लेट गयी और दोनों एक दूसरे को किस करने लगे।
तभी विजय बोला कि पूनम मेरी रानी अगली बार चुदवाओगी ना मुझसे? पूनम बोली कि हाँ ज़रूर चुदवाऊँगी तुझसे मेरे राजा.. तू तो बहुत अच्छा चोदता है। जब भी तेरा लंड मेरी चूत को बुलाएगा तो मेरी चूत पानी छोड़ते हुई आ जायेगी तेरे लंड से चुदवाने के लिये और हाँ अगली बार में तुम्हारा पानी अपने मुहं में लूँगी.. समझे मेरे गांडू राजा।
फिर थोड़ी देर के बाद वो दोनों हॉल में वापस आए। पूनम मेक्सी में और विजय सर सिर्फ़ अंडरवियर में और वहां पर पहले से ही अश्विन सर और रेखा मेडम बैठे थे.. वो दोनों भी यानी अश्विन सर अंडरवियर में और रेखा मेडम सिर्फ़ ब्रा, पेंटी में थी।
फिर पूनम को बाहर निकलते देख अश्विन सर ने उसे एक स्माईल दी और इशारा किया उनके पास आने का तो पूनम उनके पास चली गयी। पूनम थोड़ा शरमा रही थी और उनसे नज़रे नहीं मिला रही थी तो अश्विन सर ने पूनम का हाथ पड़ाकर उसे अपनी गोद में बैठा लिया और एक किस देकर पूछा कि पूनम मज़ा नहीं आया क्या? तेरी चूत ठंडी हो गयी ना.. बोल ना कैसा था विजय का लंड?
पूनम : हाँ मेरे राजा मुझे तो विजय सर के लंड से चुदवाने में मज़ा आया.. लेकिन क्या तुझे रेखा मेडम की चूत में लंड डालकर एक नयी चूत चोदने में मज़ा आया कि नहीं?
अश्विन : हाँ.. रेखा तो बहुत चुदक्कड़ है साली.. पूरी की पूरी रंडी की तरह टाँगे उठा उठाकर चुदवाती है।
विजय : अरे यारो मुझे तो पूनम की चूत चोदने में बहुत ही मज़ा आया.. क्या चुदवाती है रंडी? क्या बूब्स है रे साली के?
रेखा मेडम : मुझे भी अश्विन के नये लंड में बहुत मज़ा आया।
दोस्तों इस तरह उन सभी की बातें चलती रही और वो थोड़ी देर बाद एक दूसरे को सहलाने लगे। करीब एक घंटे के बाद वो सभी अपने अपने कपड़े पहनने लगे और में भी मौका देखकर वहां से निकल गया.. लेकिन उसके बाद मेरी बहन ने उनसे चुदाई का सिलसिला जारी रखा और वो चुदवाती रही।

दोस्त की बहन के साथ कामलीला

By With No comments:
हैल्लो फ्रेंड्स में रजत..  एक बार फिर से आप सभी के सामने एक और सेक्स अनुभव लेकर आया हूँ. दोस्तों यह मेरी इस साईट पर दूसरी कहानी है.. लेकिन जो लोग मुझे नहीं जानते उन्हें में थोड़ा अपना परिचय करा दूँ. दोस्तों में पंजाब का रहने वाला हूँ और अपना खुद का एक बिजनेस करता हूँ. मेरी उम्र 25 साल है और कलर साफ, एक बड़ा, मोटा लंड. यह स्टोरी मेरे फ्रेंड की बहन के साथ मेरे अफेयर की है.. कि कैसे मैंने उसे अपना बनाया और यह बात तभी की है जब में और मेरा फ्रेंड दोनों एक साथ ही एक कॉलेज में थे.
कॉलेज घर से थोड़ा दूर होने के कारण में एक हॉस्टल में रहता था.. वहाँ पर एक लड़का आशीष मेरा रूम मेट बन गया और हम दोनों बहुत अच्छे फ्रेंड बन गये थे और उसके माता, पिता भी मुझे बहुत अच्छी तरह से जानते थे और उसकी बहन सुरभि जो कि मुझसे दो साल बड़ी थी.. वो भी एक डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी. वो हमेशा आशीष का हालचाल मेरे फोन पर बात करके मालूम कर लेती थी और कई बार तो उसके बारे में पूछने के लिए वो हॉस्टल में आ जाती थी.. कि वो ठीक तरह से पढ़ाई करता है या कॉलेज जाता है कि नहीं और हम भी फोन करते रहते थे और में भी उसे कई बार मैसेज भेजता था.
तो एक बार जब हमारी छुट्टियाँ लगने वाली थी तो मेरे फ्रेंड ने कहा कि इस बार तू मेरे साथ मेरे घर चलेगा और मेरे घर पर फोन करके उसने बोल दिया और फिर हम दोनों उसके घर चले गये और जब में वहाँ पर गया तो वहाँ पर सुरभि भी थी वो एक सप्ताह पहले से ही घर पर थी. फिर हम सभी ने बहुत बातें की और खाना खाकर सो गये और अगले दिन आंटी ने कहा कि रजत यहाँ पर हमारे पास आया है उसे कहीं पर घुमाकर लाओ.
सुरभि बोली कि चलो फिर आज हम फिल्म देखने चलते है और फिर हम तीनों फिल्म देखने चले गये. जब हम थियेटर में फिल्म देख रहे थे कि तभी आशीष को उसकी गर्लफ्रेंड का फोन आ गया और उसने कहा कि उसे उससे मिलना है तो वो मुझे बोलकर चला गया. फिर में और सुरभि दोनों फिल्म देख रहे थे इतने में मुझे सुरभि ने कहा कि साईड में जो अंकल बैठे है वो उसे छू रहे है. तो मैंने उसे कहा कि तुम थोड़ा और मेरे पास आकर कर बैठ जाओ और अगर वो फिर से ऐसी हरकत करेगा तो में उसे बोलूँगा.
फिर वो मेरे और करीब आकर बैठ गई और मैंने अपना हाथ उसकी कुर्सी के पीछे रख दिया ताकि अगर अंकल फिर से कोई हरकत करे तो मुझे पता चल जाए. फिर वो मेरे साथ ऐसे बैठी थी कि जैसे मेरी गर्लफ्रेंड हो.. उसके बूब्स का साईज़ 36 है और वो मुझे महसूस हो रहे थे.. मेरा मन कर रहा था कि उसे यहीं पर ही चोद दूँ.. लेकिन डरता था कि कहीं वो गुस्सा ना हो जाए. फिर मैंने हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया और एक दूसरे के पास आ गये मुझे उसकी साँसे महसूस हो रही थी और इतने में इंटरवेल हो गया तो मैंने उसे कहा कि तुम बैठो में कुछ खाने को लाता हूँ. तो वो बोली कि मुझे भी साथ में जाना है और हम दोनों बाहर जाकर खाने का समान लेकर आ गये.. हमने पॉपकॉर्न और बर्गर, कोल्ड्रींक ले ली और फिर फिल्म शुरू हो गई.. लेकिन इतना सामान हम से पकड़ा नहीं जा रहा था.
मैंने उसे कहा कि तुम कोल्ड्रींक पकड़ो और फिर उसने पॉपकॉर्न अपने पैरों पर रख दियेया.. अंधेरा होने के कारण एक दो बार मेरा हाथ उसके बूब्स को लग गया.. लेकिन वो कुछ नहीं बोली. फिर में खुद ही जानबूझ कर बार बार हाथ लगाता गया और फिर थोड़ी देर के बाद सुरभि बोली कि क्या बात है रजत.. पॉपकॉर्न ज्यादा ही अच्छे लगते है और हंसने लगी. तो मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए बोल दिया कि क्या करूं है ही इतने टेस्टी और एक हाथ पीछे ले जाकर उसे धीरे से हग कर लिया तो उसकी साँसे तेज़ हो गई और इससे पहले कि वो अपने होश में आती मैंने उसे किस कर दिया और हग कर लिया. फिर वो भी कुछ ना बोल पाई और मैंने उसे 5-7 मिनट किस करने के बाद उसके टॉप में हाथ डाल दिया और उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा. उसके बूब्स बड़े ही मुलायम थे. फिर में और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और उसके मेरे और करीब आते ही मैंने उसके बूब्स को ब्रा से बाहर निकाला और निप्पल को अपनी ऊँगली में लेकर मसलने लगा.
फिर उसकी हालत अब बहुत खराब हो रही थी और वो आहह उफफफफफफफ्फ़ ह्म्‍म्म्मउउंम कर रही थी. फिर मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला और अपना हाथ बीच में ले जाते हुए उसकी चूत पर ले गया और मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और में उसकी चूत पर अपनी उंगली घुमाने लगा और उसकी चूत के दाने को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगा.. इस बीच उसने मेरे गालों को, मेरे कान पर, होठो पर बहुत ज़ोर से काटा कि खून आने लगा और अपना हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर नाख़ून मारने लगी.. उसके नाख़ून के निशान आज भी मेरी कमर पर मौजूद है. फिर में उसकी चूत में उंगली डालकर चोदने लगा उसकी चूत बहुत टाईट थी और बहुत मुश्किल से मेरी बीच की ऊँगली अंदर जा रही थी और फिर हम फिल्म देखकर घर वापस आ गये. तो आंटी ने पूछा कि आशीष कहाँ पर है तो हमने बोल दिया कि वो अभी कहीं पर अपने एक फ्रेंड से मिलने गया है.
फिर शाम को में और आशीष 2-3 जगह पर घूमने गये और रात को खाना खाने के बाद अपने रूम में चले गये. तो सुरभि वहाँ पर आ गई और कहने लगी कि वो बोर हो रही है तो थोड़ा टाईम यहाँ पर बातें करने आ गई. फिर हम ऐसे ही गप्पे मारने लगे और फिर थोड़ी ही देर बाद आशीष वॉशरूम गया तो सुरभि ने कहा कि तुम आशीष के सोने के बाद ठीक दो बजे रात को मेरे रूम में आ जाना. तो मैंने बोला कि.. लेकिन कैसे? तो वो कुछ बोलने लगी इतने में आशीष आ गया और हम इधर उधर की बातें करने लगे. फिर आशीष बोला कि दीदी अब आप जाओ मुझे सोना है और वैसे भी 11:40 हो गये है और वो चली गई. फिर मुझे यह भी डर लग रहा था कि कहीं आशीष या उसके माता, पिता ना उठ जाये.. लेकिन उसे चोदने का मेरा सपना भी मुझे गरम कर रहा था.. लेकिन टाईम है कि निकल ही नहीं रहा था और बहुत देर यूँ ही इंतजार करने के बाद में 1:25 बजे उठ गया मुझसे और इंतजार नहीं हो रहा था.
तो में सुरभि के रूम में गया तो वो सो रही थी और उसने परफ्यूम लगा रखा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो नहाकर सोई हो.. में उसके पास गया और उसे पीछे से हग कर लिया और मैंने अपना लोवर उतार दिया अब मेरा लंड ठीक उसकी गांड के ऊपर था और में उसके बूब्स को दबा रहा था. फिर जब में उसके गर्दन पर किस कर रहा था तो वो उठ गई और मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुराई. फिर मैंने जल्दी से उसकी शर्ट उतारी और वो अब पेंटी और सिर्फ़ ब्रा में थी. क्या बताऊँ यारों मुझे ऐसा लग रहा था कि इतनी सेक्सी लड़की मुझे पूरी ज़िंदगी में नहीं मिल सकती और में उसके ऊपर लेट गया और उसके पैर खोलकर अपने लंड को उसकी पेंटी पर रगड़ने लगा और वो मेरे लंड को देखकर बोली कि तुम तो पहले से ही अनुभवी हो और मुझे किस करने लगी. फिर मैंने उसके बूब्स को ब्रा से आज़ाद किया और उन्हें पागलो की तरह चूसने लगा और में इतने ज़ोर से चूस रहा था कि उसके निप्पल एकदम कड़क हो गये थे और बूब्स भी.
में उसकी पेंटी पर अपनी उंगलियां घुमाने लगा और उसे चूमने लगा और फिर उसके पैर जो कि बिल्कुल साफ थे में उन्हें चूमते चूमते उसकी जांघो पर आ गया और फिर अपनी जीभ से उसकी पेंटी के ऊपर से चाटने लगा और फिर वो झड़ गई और मैंने उसकी पेंटी उतारी और उसके हाथ में अपना लंड दे दिया वो जैसे जैसे में उसे बता रहा था वो उसे वैसे वैसे हिला रही थी. फिर मैंने उसकी चूत को करीब 15 मिनट तक चाटा और फिर अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और धक्का देने लगा. उसकी चूत से थोड़ा खून निकल रहा था.. लेकिन वो थोड़ा भी नहीं चिल्लाई.. क्योंकि मैंने एक तकिया उसके मुहं पर रख दिया था. फिर 5 मिनट ऐसा करने के बाद में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल पाया और फिर उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी अपनी गांड को हिला हिलकर मेरे लंड का मजा ले रही थी. मैंने उसे 4-5 नये नये तरीको से चोदा. फिर में अपने रूम में आ गया.

Banner4

Followers